जबलपुर
अपनी ही सरकार मे सुनवाई न होने का दर्द एक बार फिर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमकार मरकाम (Cabinet Minister OImkar Markam) के चेहरे पर नज़र आया जब कमलनाथ सरकार (Kamalnath Government) में उनकी उपेक्षा पर सवाल पूछा गया. उन्होंने कहा कि जीवन एक संघर्ष है जो हमेशा चलता रहता है. संत सम्मेलन (Sant Sammelan) में दिग्विजय सिंह द्वारा दिए गए बयान पर मरकाम बोलने से बचते रहे. उन्होंने कहा कि दिग्विजय का बयान उनकी निजी अभिव्यक्ति है. मंत्री मरकाम शहीद शंकर शाह रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर एक आयोजन में शामिल होने के लिए जबलपुर पहुंचे थे.

कमलनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्री ओंकार मरकाम आज जबलपुर में थे. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर विपक्ष को परेशान करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि चाहे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हो या फिर पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम, सरकार विपक्ष का दमन करना चाह रही है. सरकार उनकी आवाज़ को दबाना चाहती है. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी के बेटे अमित जोगी पर कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवाल पर मरकाम ने कहा कि उनके खिलाफ पहले से ही जांच चल रही थी. उन्होंने इस मामले पर बदले की राजनीति जैसी बातों को खारिज़ कर दिया.

लेकिन मीडिया ने जब उनके दिग्विजय सिंह द्वारा संत सम्मेलन में दिए विवादित बयान पर सवाल किया तो वो बचते नज़र आए. मरकार ने कहा कि, 'जिस तरह समुद्र मंथन हुआ था उसी तरह सम्मेलन मे अलग अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं हैं. दिग्विजय सिंह का बयान उनकी निजी अभिव्यक्ति है.'

मीडिया ने जब अफसरों द्वारा अनदेखी करने का मामला उठाया तो उनका दर्द एक बार उनके चेहरे पर दिखा. उन्होंने कहा कि जीवन एक संघर्ष है जो सतत तौर पर चलता रहता है. गौरतलब है कि पूर्व में अपने गृह जिले डिंडोरी मे भी मंत्री मरकाम अपना ये दर्द बयां कर चुके थे. मरकाम सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं फिर भी अफसर उनकी बातों की अनदेखी कर रहे हैं. उन्होंने कहा था कि चूंकि वो एक आदिवासी नेता है इस वजह से उनकी नहीं सुनी जाती.