नीमच
नीमच (neemuch)और मंदसौर (mandsaur)जिले के सीमांत गांवों में तबाही का मंज़र है.ये तबाही इसलिए ज़्यादा हुई क्योंकि गांधी सागर झील (gandhi sagar lake)के कैचमेंट एरिया में क्षमता से ज़्यादा पानी आ गया था. इसी वजह से रिंगवॉल डैमेज हुई और हर तरफ पानी भर गया.

सरहदी गांव में बाढ़-मध्य प्रदेश में इस बार रिकॉर्डतोड़ बारिश हुई. यही वजह है कि एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील गांधी सागर (gandhi sagar)के कैचमेंट एरिया में क्षमता से ज़्यादा पानी पहुंच गया. गांधी सागर डैम का लेवल भी उसकी क्षमता से अधिक ऊंचा ले जाया गया. पानी का अथाह भंडार होने के कारण नीमच मंदसौर के सरहदी गाँवों को प्रोटेक्ट करने वाली रिंगवाल पानी का दबाव नहीं सह पायी और वो डेमैज हो गयी.

डैमेज हुई रिंगवॉल-बैक वॉटर ज़्यादा तेजी से इन सरहदी गांवों में घुस गया. पानी नीचे उतरने के बाद टूटी हुई रिंगवॉल साफ़ तौर पर दिखाई दे रही है. ज़िले के दौरे पर आए प्रभारी मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा ने भी माना कि रिंगवॉल डैमेज हुई है और इसकी रिपेयरिंग के लिए निर्देश दे दिए गए हैं. विभाग को 70 लाख रुपए की राशि 100 हॉर्स पॉवर की मोटर खरीदने के लिए दी है जिससे पानी तोड़ा जा सके

मंदसौर-नीमच में इस बार रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है. मंदसौर में तो 77 इंच बारिश इस साल अब तक हो चुकी है.