पुणे
ट्रंप सरकार ने H-1B वीजा पर अमेरिका आए प्रफेशनल्स के जीवन साथियों के जॉब करने पर रोक लगाने का जो प्रस्ताव दिया था, उसे अमेरिकी प्रशासन ने अगले साल तक लागू नहीं करने का फैसला किया है। अगले साल राष्ट्रपति चुनाव से पहले अमेरिकी सरकार की तरफ से उठाया गया यह कदम हजारों भारतीय पेशेवरों और उन्हें हायर करने वाली कंपनियों को थोड़े समय के लिए ही सही, बड़ी राहत देगा।

सोमवार को US डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DoJ) ने सोमवार को अमेरिका की एक अदालत से कहा कि उसने H-4 एंप्लॉयमेंट ऑथराइजेशन डॉक्युमेंट (EAD) को वापस लेने वाला रूल बनाने के लिए 2020 के स्प्रिंग यानी अगले साल मार्च से जून के बीच तक की समयसीमा तय की है। ट्रंप से पहले अमेरिका की कमान संभाल रहे बराक ओबामा की सरकार ने 2015 में एक रूल बनाया था जिसमें H-1B वीजा होल्डर्स के योग्य जीवन साथियों को वहां नौकरी करने की इजाजत दी गई थी।

DoJ ने वॉशिंगटन के डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया सर्किट से कहा, 'H-4 EAD को वापस लेने वाले प्रस्तावित रूल को लागू करने की दिशा में काम करने का DHS (डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्यॉरिटीज) का मकसद बदला नहीं है। प्रस्तावित रूल फिलहाल इंटर-एजेंसी प्रोसेस से गुजर रहा है।' अदालत IT वर्कर्स के उस समूह की तरफ से DoJ के खिलाफ दायर मुकदमे की सुनवाई कर रही थी जिनका आरोप है कि पावर यूटिलिटी कंपनी सदर्न कैलिफोर्निया एडिशन ने उन्हें हटाकर उनकी जगह शॉर्ट टर्म H11B वीजा पर अमेरिका आए इंजीनियर्स को रख लिया है।

इस मामले में शिकायत करने वालों का आरोप है कि H-4 EAD होल्डर्स भी जॉब मार्केट में लोकल इंजिनियर्स के साथ होड़ कर रहे हैं जबकि उनके पास अमेरिका में काम करने का वैधानिक अधिकार नहीं है। H4 EAD का सबसे ज्यादा फायदा भारतीय नागरिकों को मिलता रहा है, जिनमें से ज्यादातर क्वॉलिफाइड महिलाएं हैं। 2015 से अब तक 1.2 लाख H4 EAD जारी हुए हैं, जिनमें से 90% भारतीयों को मिले हैं। ट्रंप सरकार ने पहली बार सितंबर 2017 में H-1B परमिट होल्डर्स के जीवन साथियों के लिए वर्क वीजा प्रोग्राम को सस्पेंड किया था।

ट्रंप ने 2016 में हुए चुनाव प्रचार के दौरान बाय 'अमेरिकन, हायर अमेरिकन' का नारा दिया था। इसके चलते हाल के वर्षों में H-1B के आवेदन खारिज किए जाने की घटनाएं बढ़ी हैं। हालांकि H-4 EAD पर बैन लगाने का प्रस्ताव कई बार टला है। पिछले चुनाव में एमिग्रेशन के खिलाफ उछाले गए नारों के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति बने डॉनल्ड ट्रंप अगले साल होने वाले इलेक्शन में वोटर्स से अपने लिए दूसरा टर्म मांगेंगे।