ऐसा किसी के भी साथ हो सकता है। जब हमें शादीशुदा होते हुए भी कोई और अच्छा लगने लगे और हम सबकुछ भूलकर सिर्फ इस रिश्ते में खो जाएं। अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है और आप खुद पर कंट्रोल नहीं कर पाए और आगे बढ़ चुके हैं तो आपको वापसी के बारे में सोचना होगा। क्योंकि ना तो ये आपके लिए अच्छा है और ना ही आपके 'आउट-साइड' पार्टनर के लिए...

इस तरफ जरूर गौर करें
सबसे पहले ये देखें कि आखिर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की वजह क्या है? विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादातर केसेज में एक्स्ट्रा मैरिटल की स्थिति तभी आती है, जब आपकी पर्सनल लाइफ में आप कहीं कोई कमी महसूस कर रहे हों। अगर ऐसा है तो आपको इस कमी को दूर करने की जरूरत है।

पार्टनर से करें बात
महिला हो या पुरुष किसी को भी यह सुनना पसंद नहीं आएगा कि उसका पार्टनर किसी और के साथ अफेयर में है। इसलिए शुरुआत में इस बारे में बात ना करके आप उन कारणों पर बात करें, जिनकी जरूरत आपको दूसरे व्यक्ति के प्रति आकर्षित कर रही है।

घर के बाहर तलाश
कई स्टडी में भी यह बात सामने आई है कि कोई भी व्यक्ति घर और परिवार के बाहर उसी चीज की तलाश करता है, जो उसे घर में नहीं मिल पाती। इनमें अधिकतर कारण भावनात्मक जरूरतों से जुड़े होते हैं। अपने अंदर गिल्ट ना भरें बल्कि समाधान पर विचार करें।

रिश्ते की शुरुआत
जरूरी नहीं कि किसी के साथ नजदीकी रिश्ता महसूस करें तो आप इस रिश्ते को उसकी सीमाओं से बाहर ले जाएं। वर्कप्लेस पर हम लोग अपने सहकर्मियों के साथ हर रोज कई घंटे गुजारते हैं। ऐसे में उनके साथ अच्छी और मजबूत बॉन्डिंग होना बुरा नहीं है। बस अपनी सीमाओं को ना पार करें।

इस पर काम करने की जरूरत
अगर आप किसी के साथ एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में हैं और वह व्यक्ति आपका कॉलीग भी है तो आपको ध्यान रखना चाहिए कि इससे आप दोनों की छवि खराब हो सकती है। इसका असर आपके व्यक्तिगत जीवन के साथ ही सामाजिक जीवन पर भी पड़ेगा। आपस में बात करें और सम्मान पूर्वक एक-दूसरे से दूरी बना लें। दूरी का अर्थ यह नहीं है कि आप बात करना बंद कर दें, दोस्ती रखें लेकिन सीमाओं में।

मुश्किल तो है
यह काम मुश्किल जरूर है लेकिन आपको करना होगा। अगर आपको लगता है कि आप दोनों या आपमें से कोई एक ऐसा नहीं कर पा रहा है तो इसके लिए आप किसी सायकॉलजिस्ट या काउंसलर की मदद ले सकते हैं।