नई दिल्ली
 सऊदी अरब में कच्चे तेल के दो संयंत्रों पर ड्रोन हमलों के बाद पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोमवार को स्थिति की समीक्षा की और विश्वास जताया कि भारत को होने वाली तेल आपूर्ति बाधित नहीं होगी। पूर्वी सऊदी अरब के खुरैस और अबकैक में सरकारी पेट्रोलियम कंपनी सऊदी अरामको के संयंत्रों पर शनिवार को ड्रोन से हमला हुआ था जिससे वहां आग लग गई थी। इस हमले के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति में 57 लाख बैरल और कंपनी के उत्पादन का लगभग 50 प्रतिशत नुकसान होने का अनुमान है जो वैश्विक उत्पादन का 5 प्रतिशत है।
 
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘‘सऊदी अरामको के तेल प्रसंस्करण केंद्रों पर हमले के बाद हमने कंपनी के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क किया है। रियाद में भारतीय राजदूत ने उसने बात की ताकि भारत को लगातार तेल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।''
 
मंत्री ने बताया कि मंत्रालय ने तेल विपणन कंपनियों के साथ सितंबर महीने की कच्चे तेल की आपूर्ति की समीक्षा की है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें भरोसा है कि भारत को होने वाली आपूर्ति बाधित नहीं होगी। हम बदलती स्थिति पर नजदीकी नजर रख रहे हैं।'' इससे पहले मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि सऊदी अरामको के अधिकारियों ने रविवार को भारतीय तेल विपणन कंपनियों से संपर्क कर आश्वासन दिया था कि उनके लिए आपूर्ति में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
 
दरअसल ड्रोन हमले के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हो गया है। लंदन का ब्रेंट क्रूड फ्यूचर 19.5 फीसदी बढ़कर 71.95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। दावा किया जा रहा है कि 14 जून 1991 के बाद कच्चे तेल की कीमतों में सबसे बड़ा उछाल है। जानकारों का मानना है कि मंदी का सामना कर रहे भारत के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।