मुरैना
चंबल नदी (Chambal River) में भारी उफान (spate) के चलते मध्य प्रदेश (madhya Pradesh) के मुरैना (Morena) जिले में जिला प्रशासन (District Administration) ने 89 गांव में अलर्ट (Alert) जारी कर दिया है. मामले में मुरैना कलेक्टर प्रियंका दास (Collector Priyanka Das) ने बताया कि कोटा बैराज (Kota Barrage) से लगातार 3 दिनों से काफी ज्यादा पानी छोड़े जाने के कारण मुरैना में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है. खतरे के निशान (Danger mark) से 5 मीटर ऊपर चंबल नदी का पानी बह रहा है.

कलेक्टर ने कहा कि मुरैना के 20 गांवों में रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue operation) किया जा रहा है. इन गांवों से कई लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया भी जा चुका है. वहीं उन्होंने बरबासिन गांव की घटना को लेकर कहा कि वहां से एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) की टीम लोगों को नाव के जरिए सुरक्षित स्थान पर लेकर जा रही थी, तभी नाव में छेद होने के कारण वह पानी में डूब गई. हालांकि पटवारी, टीआई और रेस्क्यू के बाकी दलों ने हिम्मत दिखाते हुए तैरकर 14 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया.

कलेक्टर ने कहा कि 14 लोगों को बचा लेने के बावजूद रेस्क्यू टीम दो बच्चियों को नहीं बचा सकी. एक बच्ची तो नदी के प्रवाह में बह गई जबकि एक अन्य को पानी से बाहर तो निकाल लिया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. कलेक्टर ने इस हादसे पर दुख जताते हुए दोनों पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिए जाने का आश्वासन दिया है. अभी भी कई इलाकों में लोगों के फंसे होने की सूचना है जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.

कलेक्टर प्रियंका दास ने कहा कि राजस्थान के तीनों डैम का पानी ओवरफ्लो होकर लगातार मुरैना की तरफ आ रहा है, जो चिंता का विषय है. इस बीच अगर पानी का स्तर और बढ़ा तो फिर मुरैना की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.