भगवान विश्‍वकर्मा को सृजन का देवता माना गया है। उन्‍होंने देवी-देवताओं के लिए न सिर्फ भवनों का निर्माण किया बल्कि समय-समय पर अस्‍त्र-शस्‍त्रों का भी सृजन किया। मान्यताओं के अनुसार जितने भी उपकरण एवं टूल्स होते हैं उन सभी पर विश्वकर्मा का प्रभाव होता है। यही वजह है कि विश्‍वकर्मा जयंती के मौके पर सभी मशीनों और उपकरणों की पूजा की जाती है। तो आइए जानते हैं कि विश्‍वकर्मा जयंती के मौके पर कौन से काम करने चाहिए और कौन से काम नहीं करने चाहिए जिनसे पूरे साल आपके धन की बचत हो और सभी उपकरण सही से काम करते रहें।

इसे कहते हैं सही मायने में विश्वकर्मा पूजा

विश्‍वकर्मा जयंती के मौके पर घरों और कार्यालय में इस्‍तेमाल होने वाले सभी औजारों और उपकरणों जिनसे आपका वास्ता है उनकी पूजा की जानी चाहिए। पूजा का मतलब यह नहीं कि धूप-दीप, जल और फूल चढ़ाएं। इनकी साफ-सफाई और इनकी अच्छी देखरेख करें यह है असली विश्वकर्मा भगवान की पूजा।

इस वचन के साथ करें टीका

मान्‍यता है कि विश्‍वकर्मा जयंती के दिन जब औजारों की पूजा की जाती है तो उनपर टीका करना जरूरी होता है। ऐसा करने से भगवान विश्‍वकर्मा प्रसन्‍न होते हैं। टीका करने से तात्पर्य यह भी है कि आपने उनकी सुरक्षा का वादा किया है। इसलिए टीका लगाकर खुद से वचन लें कि आप अपने उपकरणों और औजारों की देखरेख करेंगे और उन्हें इधर-उधर रखकर उनका अपमान नहीं करेंगे।

घर में ऐसे करें विश्वकर्मा पूजन

आज के समय में घर-घर में कल पुर्जों के सामान हैं इसलिए भी आज के युग को कलियुग भी कहा जाता है। इस युग में विश्वकर्मा की पूजा हर घर में जरूरी है। घर में जितने भी बिजली के उपकरण हैं या वाहन हैं उन सभी की इस अवसर पर सफाई करनी चाहिए। इनकी सफाई करके जरूरत के अनुसार इनका प्रयोग करें। घर में अगर कल-पूर्जों वाले संसाधन हैं तो उनकी ऑयलिंग और ग्रीसिंग करें। ऐसे समझना चाहिए कि ऐसा करके आप विश्वकर्मा भगवान को स्नान और तिलक कर रहे हैं। इससे आपके उपकरण लंबे समय तक आपका साथ देकर लाभ दिलाएंगे।

किसी को नहीं दें अपनी ये चीजें

विश्वकर्मा भगवान की पूजा के दिन अगर कोई भी आपसे टूल्स, औजार या कोई उपकरण मांगने आए तो उसे टाल देना चाहिए। इससे आप अपने घर विश्वकर्मा को सम्मान देंगे। यह आपकी समृद्धि में भी सहायक होगा।

विश्वकर्मा पूजा में इन्हें जरूर रखें पूजा में

देवशिल्पी विश्वकर्मा की पूजा अगर आप मूर्ति बैठाकर या उनकी मूर्ति रखकर करते हैं तो उनके सामने फल, मिठाई, चंदन, अक्षत, रोली, कुमकुम, धूप, बत्ती के अलावे घर में जो भी औजार मौजूद हो उन्हें भी साफ करके जिन्हें पानी से नहीं धो सकते उन्हें साफ कपड़े से पोछकर पूजा स्थान पर रखें। इस दिन हो सके तो औजार का प्रयोग ना करें।

हवन करके करें प्रसाद वितरण

विश्‍वकर्मा पूजा के दिन औजारों और मशीनों की पूजा करने के बाद हवन करने का विधान है। इसके बाद प्रसाद वितरण किया जाना चाहिए। मान्‍यता है कि विधि-विधान से पूजा करने से देवशिल्पी विश्‍वकर्मा की कृपा बरसती है। साथ ही व्‍यवसाय में भी लाभ होता है।