अंबिकापुर
 बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर से 50 किमी दूर गैना गांव में उल्टी-दस्त सेे एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं 150 से अधिक लोग डायरिया सहित मौसमी बीमारियों से पीड़ित हैं। गांव में पहुंचे अधिकारियों का कहना है कि स्थिति गंभीर है और गांव में दो स्थानों पर कैंप लगाकर इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा वाड्रफनगर, रघुनाथ नगर हेल्थ सेंटर और कैंप में 40 के करीब मरीजों को भर्ती करवाया गया है। डायरिया की वजह कुओं के दूषित पानी उपयोग बताया जा रहा है। ‌


वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि हैंडपंपों की पाइपों में जंग लगा है और साफ पानी नहीं निकलने के कारण वे कुंए का पानी पी रहे हैं। जानकारी के अनुसार गांव में पिछले एक सप्ताह से लोग पीड़ित थे, लेकिन इलाज नहीं होने के कारण पीड़िताें की संख्या बढ़ती गई। वहीं शनिवार शाम कक्षा नवमीं की छात्रा राजपति (15) की मौत हो गई। इसके बाद फूलमती (70) व ननकू (75) की भी जान चली गई। इसकी जानकारी स्वास्थ्य कार्यकर्ता सीमा ने रघुनाथ नगर के सेंटर मेडिकल ऑफिसर को दी। इसके बाद स्वास्थ्य अमला गांव पहुंचा। स्वास्थ्य टीम को इलाज के दौरान हर घर में डायरिया से ग्रसित लोग मिले। जानकारी मिलते ही बीएमओ व सीएमएचओ रविवार को गांव पहुंचे और यहां से गंभीर मरीजों को रघुनाथ नगर व वाड्रफनगर हेल्थ सेंटर भेजा गया।