ग्वालियर
केन्द्रीय  श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री ( स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार ने दावा किया है कि देश में  नौकरियों की कमी नहीं है । लोग उपयुक्त जॉब की तलाश में रहते हैं। हिंदी भाषा को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद देश में उठे विरोध के स्वर जो नकारते हुए मंत्री ने कहा कि हिंदी देश को जोड़ने वाली भाषा है उसका कहीं विरोध नहीं है बस लोग अपने क्षेत्र की भाषा की चिंता करते हैं

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री ( स्वतंत्र प्रभार ) संतोष गंगवार रविवार को ग्वालियर में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की मां के निधन पर उनके घर अहोक व्यक्त करने आये थे। श्री गंगवार ने गृह मंत्री  अमित शाह के हिंदी को लेकर दिए गए बयान के बाद कुछ राज्यों द्वारा उसके विरोध पर कहा   कि हिंदी देश को जोड़ने वाली भाषा है, इसका कहीं विरोध नही है। गंगवार ने कहा कि मैं संसदीय राजभाषा समित का सदस्य रहा हूं, हिंदी का कहीं भी विरोध नहीं है हिंदी देश की भाषा है, लोकसभा में जितने सांसद चुनकर आते है सभी हिंदी भाषा का प्रयोग करते है। मंत्री ने कहा कि साउथ के लोग हिंदी के विरोधी नहीं हैं पर लोग क्षेत्रीय भाषा की चिंता करते हैं  उन्होंने कहा कि देश से बाहर जाने के बाद मालूम चलता है कि अंग्रेजी नहीं  हिंदी और क्षेत्रीय भाषा का कितना महत्व है।

देश में रोजगार के संकट के सवाल पर रोजगार मंत्री गंगवार ने कहा कि देश में नौकरी का कोई संकट नहीं है। देश में नौकरी है और मिल रही है बस लोग उपयुक्त जॉब की तलाश में रहते हैं । इसलिए कमी दिखाई देती है।उन्होंने कहा कि जितनी सरकारी नौकरी हर साल निकलती थी आज भी निकल रही हैं । हमारी सरकार इस दिशा में  अच्छा काम कर रही है । लोगों को स्किल्ड बनाने के लिए इसीलिए सरकार ने एक नया मंत्रालय कौशल उन्नयन मंत्रालय खोला है। जिससे लोगो को रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़े।

श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने ममता बनर्जी के इमरजेंसी जैसे हालात वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष तो कुछ भी बोलता रहता है । उन्होने दावा किया कि आजादी के बाद ये पहली ऐसी सरकार है जिसपर लोग पूरी तरह से भरोसा कर रहे हैं क्योकि सरकार सही काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में बहुत अच्छा माहौल है।