नई दिल्ली
कर्ज में डूबी मां ने एक लाख रुपये के लिए 15 साल की बेटी को तस्कर के हवाले कर दिया। वह किशोरी की शादी हरियाणा में 62 साल के एक बुजुर्ग से कराने की तैयारी में था। इससे पहले ही पीड़िता उसके चंगुल से भाग निकली और दिल्ली महिला आयोग की मदद से पुलिस तक पहुंची। पुलिस ने केस दर्ज कर पीड़िता को शेल्टर होम में भेज दिया है।

किशोरी बवाना की जेजे कॉलोनी में रहती है। उसने महिला आयोग को बताया कि मां ने अब्दुल नाम के बाल तस्कर के संपर्क में थी। एक महीने पहले वह एक साल के भाई को भी बेच चुकी है। 8 सितंबर को किशोरी की मां उसे निजामुद्दीन के एक होटल में छोड़ आई थी। वहां से तस्कर उसे बवाना गांव की ईश्वर कॉलोनी में ले गया। वहां जाने के बाद उसे सचाई पता चली।

तस्कर ने दिया झांसा
हफ्ते भर में यह दूसरा केस है, जब आयोग ने किसी बच्ची को बचाया है। इस मामले में अब्दुल ने लड़की की मां को झांसा दिया कि अगर वह उसकी शादी हरियाणा में एक 62 साल के आदमी से कर देगी, तो वह उसे 1 लाख रुपये देगा। लड़की को पता चला, तो उसने विरोध किया लेकिन मां नहीं मानी। पीड़िता ने कभी अपने पिता को नहीं देखा और वह अपनी मां, सौतेले पिता और 4 भाई-बहनों के साथ बवाना की जेजे कॉलोनी में रहती है। लड़की की मां कर्ज में डूबी थी। उसने कर्ज लौटाने के लिए बेटी को बेच दिया।

8 सितंबर को लड़की की मां ने उससे कहा कि वह बदरपुर में उसकी बहन के यहां जा रहे हैं। लेकिन वह उसे निजामुद्दीन के एक होटल में ले गई। वहां से महिला चली गई और तस्कर लड़की को लेकर ईश्वर कॉलोनी में अपने घर ले गया। वहां लड़की से शादी का जोड़ा पहनने को कहा गया। तब उसे पता चला कि बेच दिया गया है। लेकिन किस्मत साथ थी और लड़की को भागने का मौका मिल गया। वह जेजे कॉलोनी स्थित अपने घर पहुंच गई। पड़ोसियों से मदद मांगी तो उन्होंने दिल्ली महिला आयोग की हेल्पलाइन पर फोन किया। आयोग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और लड़की को स्थानीय पुलिस स्टेशन ले गई।