नई दिल्ली 

14 सितंबर को जारी एक बयान में वायाकॉम 18 के एक प्रवक्ता ने कहा, "रामायण एक महाकाव्य है जो अपनी सूक्ष्म कहानियों के माध्यम से भारतीय मूल्यों की प्रशंसा विशेष रूप से करता है. 'राम सिया के लव कुश' कैमरे के माध्यम से इस महाकाव्य को सामने लाने का हमारा प्रयास है, जिसके बारे में पहले कभी नहीं दिखाया गया है और इस प्रकार ये आज के जमाने और हर पीढ़ी के लिए सामयिक है."

इसमें आगे कहा गया, "इस शो की कहानी को रामायण पर आधारित विभिन्न किताबों, लेखों से लिया गया है. हमारा मकसद किसी भी विशेष समुदाय की भावनाओं को आहत करने का नहीं है."

यह बयान तब सामने आया जब 11 सितंबर को सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा 'राम सिया के लव कुश' के माध्यम से गलत धार्मिक जानकारी फैलाने, महर्षि वाल्मीकि की छवि बिगाड़ने व धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाने के लिए कलर्स टीवी को एक नोटिस जारी किया गया है. गायक से नेता बने हंसराज हंस ने भी कथित रूप से वाल्मीकि समुदाय की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाने के लिए केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से इस सीरियल पर बैन लगाने को कहा है.