Tuesday, July 17th, 2018

अब ये कंपनी करेगी किसानों का फसल बीमा, इफको टोकिया को बड़ा झटका

बिलासपुर
राज्य शासन ने इफको टोकिया बीमा कंपनी को बाय-बाय कर दिया है। 136 करोड़ रुपये का बीमा करने वाली कंपनी ने 1100 करोड़ रुपये का क्लेम देने में हीलाहवाला किया था । बीमा कंपनी की लेटलतीफी और लापरवाही ने राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया था।

चुनावी वर्ष में हुई फजीहत से नाराज शासन ने इस बार इफको टोकियो कंपनी को बाहर का रास्ता दिखाते हुए बजा एलायंज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को फसल बीमा की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को प्रीमियम राशि जमा करने के लिए 31 जुलाई की तिथि तय की गई है।

फसल अनावारी रिपोर्ट के आधार पर राज्य शासन ने जिले को अकाल ग्रस्त घोषित कर दिया था। अकाल प्रभावित जिले के सभी सात ब्लॉक में राज्य शासन ने किसानों को फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा राशि का वितरण भी किया है। चुनावी वर्ष होने के कारण राज्य शासन ने फूंक-फूंक कर कदम रखा था।

मुआवजा राशि वितरण में किसी तरह की गड़बड़ी न हो इसके लिए प्रभावित किसानों के बैंक अकाउंट में सीधे राशि जमा कराई गई है। इसके लिए तहसीलदार को नोडल अधिकारी बनाया गया था। सामूहिक खेती करने वाले परिवार के उन सदस्यों को जिसके खेत में धान का उत्पादन नहीं हुआ है ऐसे किसानों को क्षतिपूर्ति राशि देने के लिए राज्य शासन ने चेक का प्रावधान किया था।

क्षतिपूर्ति राशि देने के बाद जब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्रीमियम जमा करने वाले किसानों को भुगतान करने की बारी आई तब बीमा कंपनी इफको टोकियो ने आनाकानी करनी शुरू कर दी। जिन किसानों के खेत में एक बीजा धान का उत्पादन नहीं हुआ है उनको बीमा के नाम पर 2500 से तीन हजार रुपये की राशि दी गई है।

इसे लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। चुनावी वर्ष में इफको टोकियो कंपनी ने राज्य शासन के सामने मुसीबत खड़ी कर दी है। किसानों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। किसानों की बढ़ती नाराजगी और साढ़े पांच महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए सत्ताधारी दल ने कड़ा कदम उठाया है। इफको टोकियो कंपनी को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से बाहर का रास्ता दिखाई देते हुए बजाज एलायंज इंश्योरेंस कंपनी को किसानों से प्रीमियम लेने का ठेका दिया है।

इन फसलों का होगा बीमा

धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, मूंग, एवं उड़द है। प्रीमियम दर के रूप में धान सिंचित 900, धान अंसिंचित 625, मक्का 400,सोयाबीन एवं मूंगफली हेतु 600, अरहर 500 तथा उड़द एवं मूंग के लिए 300 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है।

इन किसानों को बीमा कराना जरूरी

ऋणी कृषकों को अनिवार्य रूप से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल किया गया है। ऐसे सभी ऋणी किसान जो खरीफ मौसम के लिए बैंकों से 31 जुलाई या उससे पूर्व अपना कृषि ऋण बीमा की स्वीकृति या नवीनीकरण कराते है, तो वे फसल बीमा में बीमित हो जाते है।

इन किसानों को जमा करना होगा दस्तावेज

अऋणी किसानों को बीमा कराने के लिए अधिसूचित फसल को उगाने संबंधी बोआई प्रमाण पत्र अपने क्षेत्र के पटवारी या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सत्यापित करवाकर नवीन बी-1 खसरा, आधार कार्ड, बैंक पास बुक की छायाप्रति, बीमित रकबे की प्रामियम राशि एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज बैंक में जमा करना होगा ।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीते वर्ष इफको टोकियो कंपनी ने बीमा किया था। 136 करोड़ रुपये बीमा के एवज में फसल क्षतिपूर्ति के रूप में 1100 करोड़ रुपये का क्लेम किसानों को देना है। क्लेम देने में हीलाहवाला करने के कारण राज्य शासन ने कंपनी को बाहर कर दिया है। - अनिल कौशिक-सहायक संचालक,कृषि विभाग

Source : Agency

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