Monday, July 16th, 2018

शराबबंदी कानून में बदलाव, जुर्माना देकर सजा से बच सकते हैं आरोपी!

पटना 
2 साल पहले बिहार में शराबबंदी लागू करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहली बार इस कानून में बदलाव कर इसे शिथिल बनाने की पहल की है. नीतीश के नेतृत्व में बुधवार को हुए कैबिनेट की बैठक में शराबबंदी कानून में संशोधन करने के उत्पाद विभाग के बिल को मंजूरी दे दी गई है. शराबबंदी कानून में संशोधन के लिए बिल आगामी मॉनसून सत्र में लाया जाएगा.

सूत्रों के मुताबिक शराबबंदी कानून में बदलाव का जो सबसे बड़ा फैसला लिया गया है, वह यह है कि अगर कोई व्यक्ति पहली बार शराब पीते हुए पकड़ा जाता है तो वह ₹50000 जुर्माना देकर छूट सकता है. प्रस्तावित बदलाव से पहले शराब पीते हुए पकड़े जाने पर 10 साल जेल की सजा होती थी. इसी तरीके से अगर किसी व्यक्ति के पास से शराब पहली बार बरामद की जाती है तो वह भी ₹50000 जुर्माना देकर बच सकता है. इन दोनों मामलों में जुर्माना नहीं देने की स्थिति में आरोपी व्यक्ति को 3 महीने जेल की सजा होगी.

शराबबंदी कानून में प्रस्तावित बदलाव के अनुसार अगर कोई व्यक्ति दूसरी बार शराब पीते पकड़ा जाता है या फिर उसके पास से शराब बरामद होती है तो उसे 5 साल की सजा और ₹100000 जुर्माना लगाया जाएगा.

शराबबंदी कानून में पहले इस बात का प्रावधान था कि अगर किसी के घर या गाड़ी से शराब बरामद होती है तो पुलिस घर और गाड़ी दोनों को जब्त कर सकती है, लेकिन प्रस्तावित बदलाव घर या गाड़ी से शराब बरामद होने की स्थिति में घर या गाड़ी को जब्त नहीं किया जाएगा.

शराबबंदी कानून में इस बात का भी प्रावधान था कि अगर किसी इलाके से बार-बार शराबबंदी कानून का उल्लंघन होता है तो उस इलाके पर सामूहिक जुर्माना लगाया जाएगा. प्रस्तावित बदलाव के बाद इस प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक जो भी व्यक्ति शराबबंदी कानून के तहत जेल में बंद है और उसने 3 साल की सजा पूरी कर ली है उसे रिहा करने का भी प्रावधान है.

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले दिनों इस बात से साफ संकेत दे दिए थे और कहा था कि वह जल्द शराबबंदी कानून में बदलाव लाने वाले हैं और इसी क्रम में बुधवार को बिहार कैबिनेट में शराबबंदी कानून में बदलाव का प्रस्ताव पास किया गया है.

Source : Agency

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