Friday, July 20th, 2018

मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद सहमा मुख्तार अंसारी

बांदा 
बागपत जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या के दो दिन बाद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के परिवार ने भी उनकी सुरक्षा की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, खतरे को देखते हुए बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी पिछले दो दिन से अपनी बैरक से बाहर नहीं आया है। बता दें कि बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या में कथित रूप से शामिल होने के आरोप में मुख्तार अंसारी बांदा जेल में बंद है।  

उनके भाई और पूर्व सांसद अफजल अंसारी ने कहा, 'यहां उसके मारे जाने की आशंका है। हालांकि जब न्यायिक हिरासत में रहे एक शख्स की जेल में हत्या कर दी गई तो ऐसे में सवाल है कि सरकार कर क्या रही है? वह अभी तक यह स्पष्ट करने में समर्थ नहीं है कि मुन्ना बजरंगी के साथ क्या हुआ?' 

जेल में मुख्तार की सुरक्षा कड़ी 
इसी साल जनवरी में मुख्तार अंसारी को जेल में दिल का दौरा पड़ा था, उस समय भी उसके परिवार ने इसी तरह का संदेह जाहिर किया था। यह घटना तब हुई थी जब उसकी पत्नी उससे मिलने बांदा जेल गई थी। दोनों ने चाय पीने के बाद सीने में दर्द की शिकायत की जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

 
दूसरी ओर जेल प्रशासन का कहना है कि उन्होंने मुख्तार की थर्ड लेवल सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बांदा कारागार के जेलर वीएस त्रिपाठी ने बुधवार को बताया कि बागपत जेल में सोमवार को अपने मुन्ना की हत्या से यहां की जेल की बैरक संख्या-15 और 16 में बंद बाहुबली बीएसपी विधायक मुख्तार अंसारी काफी सहमा हुआ है। वह दो दिन से अपनी बैरक से बाहर नहीं निकला और न ही किसी से मुलाकात की इच्छा जताई है। 

दो दिन से ठीक से खाना भी नहीं खाया 
उन्होंने बताया कि अंसारी ने दो दिन से ढंग से भोजन भी नहीं किया है। जेल प्रशासन हालांकि उसकी सुरक्षा में कोई चूक नहीं करना चाहता है और इसके मद्देनजर उसकी त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जेलर ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे बंदियों की हरकतों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अधिकारी खुद रतजगा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। 

बैरक में बंदी रक्षक को भी जाने की इजाजत नहीं 
उसकी बैरक में किसी भी बंदी रक्षक को भी जाने की इजाजत नहीं है और जेल की हर बैरक में दो दिन से सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। बंदियों या बैरकों से अभी तक कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ है। वीएस त्रिपाठी ने बताया, ‘जेल की बाहरी सुरक्षा भी चाक-चौबंद की गई है। जेल के मुख्य द्वार पर पुलिस के अलावा पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। अन्य बंदियों के मुलाकातियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है और उनकी सघन तलाशी ली जा रही है।' 

Source : Agency

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