Saturday, September 22nd, 2018

कैग रिपोर्ट का खुलासा, 42.86 लाख बच्चों ने छोड़ी पढाई

भोपाल 
भारत के नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) ने पिछले दिनों शिक्षा गारंटी कानून को लेकर जारी रिपोर्ट में चौकाने वाले तथ्य सामने आये हैं। रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि 2010-11 से 2015-16 के बीच खराब शिक्षा प्रणाली के चलते प्रदेश के 42.86 लाख छात्रों ने पढ़ाई छोड़ दी। 8 वीं के 84 प्रतिशत छात्र नहीं पढ़ पाते 1-9 तक अंक,  50 प्रतिशत से ज्यादा हिंदी पढ़ने-लिखने में अक्षम हैं। 

यह जानकारी आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंीनेबताया कि रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि “शिक्षा का अधिकार” कानून लागू होने के 6 साल बाद भी मध्य प्रदेश सरकार सभी को शिक्षा देने का लक्ष्य प्राप्त करने में विफल रही है। अग्रवाल ने बताया कि 2010 से 2016 के बीच 7284 करोड रुपए का बजट जारी ही नहीं किया गया तथा जो बजट जारी किया गया उस में से भी 1200 करोड़ प्रदेश सरकार द्वारा खर्च नहीं किया गया। यही कारण है कि सरकारी स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के शिक्षा स्तर में भारी गिरावट आई है।

अग्रवाल ने बताया कि रिपोर्ट में यह अविश्वसनीय तथ्य सामने आया है कि 84 प्रतिशत बच्चें 8 वीं में होने के बावजूद 1-9 तक के नंबर तक नहीं पहचान पा रहे है  और 51 प्रतिशत छात्र हिंदी लिख-पढ़ नहीं पाते हैं। सरकारी स्कूली शिक्षा में पढ़ रहे पांचवी 75 प्रतिशत छात्र हिंदी वर्णमाला को पढ़ने लिखने में अक्षम है और 77 प्रतिशत छात्र 1 से 9 तक के नंबर तक नही पहचान पा रहे है। 

रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी है। 2016 मार्च तक प्रदेश में 63,851 से पद खाली है। प्राथमिक शाला में 37,933 पद खाली है और माध्यमिक शाला में 25,918 पद खाली है, और तो और जिन शिक्षकों की भर्ती 2010 से 2016 के बीच की गई है उनमें से ज्यातर को प्रशिक्षण नहीं दिया गया है।
 

Source : Agency

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