Sunday, September 23rd, 2018

ट्यूमर और बांझपन का संकेत हो सकते हैं चेहरे के बाल



किसी भी महिला के लिए चेहरे के बाल उसके लिए शर्मिंदगी और परेशानी का कारण बन जाते हैं। कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि दुनियाभर में 2 करोड़ से अधिक महिलाएं हरस्यूटिज्म यानी शरीर पर अत्यधिक बाल होने की समस्या से पीड़ित हैं। महिलाओं के लुक और सुंदरता को प्रभावित करने के अलावा, चेहरे पर बाल की स्थिति कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं जैसे बांझपन का संकेत भी है। यह स्थिति किसी हॉर्मोन असंतुलन या अत्यधिक हॉर्मोनों के उत्पादन के कारण विकसित होते ट्यूमर का संकेत भी देती है।


हरस्यूटिज्म आखिर है क्या?
हरस्यूटिज्म, एंड्रोजन के अत्यधिक निर्माण और त्वचा के एंड्रोजन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होने के कारण होता है। हालांकि, महिलाओं में हल्के और मुलायम फेशल हेयर होना सामान्य बात हो सकती है, लेकिन जब बाल कड़े और मोटे होते हैं तो ये हॉर्मोन असंतुलन को प्रदर्शित करते हैं जिसके कारण कईं जटिलताएं हो सकती हैं। महिलाओं में मध्य रेखा, ठोड़ी, स्तनों के बीच, जांघों के अंदरूनी भागों, पेट या पीठ पर बाल होना अत्यधिक पुरुष हॉर्मोन एंड्रोजन स्त्रावित होने का संकेत है, जो एड्रीनल्स द्वारा या कुछ अंडाशय रोगों के कारण स्त्रावित होते हैं।

PCOS में भी विकसित हो जाते हैं अनचाहे बाल
इस तरह की स्थिति मोटापे के कारण बनती है और अंडोत्सर्ग में रूकावट डालकर प्रजनन क्षमता को कम कर देती है। इंदिरा आईवीएफ हॉस्पिटल की गाइनैकॉल्जिस्ट डॉ.निताशा गुप्ता बताती हैं, पॉली सिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी PCOS एक ऐसी ही स्थिति है, जो महिलाओं में बालों के अनचाहे विकास से संबंधित है और डायबीटीज व हृदय रोगों का प्रमुख खतरा भी है। हरस्यूटिज्म, महिलाओं में अत्यधिक बाल विकसित होने का इतना महत्वपूर्ण संकेत है, जो मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन, इंसुलिन रेजिसटेंस और हृदय रोगों से जुड़ा हुआ है। हाइपरएंड्रोजेनिज्म का अंडाशय से संबंधित कारण, पीसीओएस, कोनजेनाइटल एड्रिनल हाइपरप्लेसिया (सीएएच) और अंडाशय के ट्यूमर हैं।

कैसे करें कन्फर्म?
आपके चेहरे के बाल किसी गंभीर बीमारी का संकेत हैं या नहीं इसकी जानकारी के लिए आपको कुछ खास बातों पर ध्यान देना चाहिए। जैसे- यौवन किस उम्र में प्रारंभ हुआ? बालों के विकास की दर क्या है? अनियमित मासिक चक्र है या नहीं? स्तनों में उत्तकों की कमी, सेक्स की इच्छा, वजन बढ़ना और डायबीटीज का इतिहास। इस बात की भी जांच की जा सकती है कि पेट में कोई पिंड तो विकसित नहीं हो रहा है। इसके अलावा टेस्टोस्टेरॉन और प्रोजेस्ट्रॉन, पेल्विक अल्ट्रासाउंड के टेस्ट भी करवाए जा सकते हैं।

क्या इलाज की जरूरत है?
अटलांटा हॉस्पिटल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ शुभा सक्सेना कहती हैं, 'मामूली हरस्यूटिज्म के अधिकतर मामलों में और कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए उपचार कराने की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन अगर शारीरिक लक्षण दिखाई दे रहे हैं या आपको शक है, तो डॉक्टर से चेक करवाकर जरूर इलाज करवाएं।'

Source : Agency

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