Saturday, September 22nd, 2018

वर्ल्ड पॉप्युलेशन डे : आबादी नियंत्रण में यूं करें सहयोग



इस वक्त दुनिया की आबादी 7.6 बिलियन यानी 760 करोड़ है जो हर दिन, हर घंटे, हर सेकंड बढ़ती जा रही है लेकिन संसाधन सीमित हैं लिहाजा इस बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने और बढ़ती आबादी से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने के मकसद से ही हर साल 11 जुलाई को वर्ल्ड पॉप्युलेशन डे मनाया जाता है। इस साल यानी साल 2018 की वर्ल्ड पॉप्युलेशन डे की थीम है- Family Planning is a Human Right यानी परिवार नियोजन हर मनुष्य का अधिकार है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं फैमिली प्लानिंग के उन आसान तरीकों के बारे में जिन्हें अपनाकर आप अपने देश और दुनिया की आबादी को कंट्रोल करने में अपना सहयोग दे सकते हैं...

कॉन्डम का इस्तेमाल
परिवार नियोजन का सबसे आसान तरीका है कॉन्डम। हर बार पार्टनर संग सेक्स के दौरान अगर कॉन्डम का इस्तेमाल किया जाए तो प्रेग्नेंसी और STD यानी सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिसीज दोनों के खतरे को कम किया जा सकता है। कॉन्डम्स सस्ते आते हैं और अनचाही प्रेग्नेंसी को रोकने में करीब 80 प्रतिशत तक असरदार माने जाते हैं।

गर्भ निरोधक गोलियां
गर्म निरोधक गोलियां भी फैमिली प्लानिंग का सबसे आसान और सरल तरीका है। अनचाही प्रेग्नेंसी को रोकने के लिए इन गोलियों को हर दिन लेना होता है। खास बात यह है कि कॉन्डम्स की ही तरह ये गोलियां भी सस्ती होती हैं, सुरक्षित होती हैं और अगर महिलाएं इन्हें समय पर लेती रहें तो प्रेग्नेंसी रोकने में 90 से 92 प्रतिशत तक असरदार भी होती हैं। इन गोलियों में मौजूद हॉर्मोन्स ऑव्यूलेशन की प्रक्रिया को रोक देते हैं।

IUD डिवाइस
इंट्रायूट्रीन डिवाइस यानी IUD टी-शेप्ड गर्भ निरोधक डिवाइस है जिसे महिलाओं के यूट्रस में इंसर्ट किया जाता है ताकि अनचाही प्रेग्नेंसी को रोका जा सके। यह परिवार नियोजन का बेहद असरदार तरीका है और इससे अनचाही प्रेग्नेंसी के खतरे को 99 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। IUD दो तरह का होता है- कॉपर और हॉर्मोनल। कॉपर IUD एक बार लगवाने के बाद 10-12 साल तक प्रेग्नेंसी से प्रोटेक्शन देता है जबकि हॉर्मोनल IUD 5-7 साल तक। हालांकि कॉन्डम और गर्भनिरोधक गोलियां जहां 40-50 रुपये के आते हैं वहीं, भारत में IUD लगवाने का खर्च 500 रुपये के आसपास होता है।

बर्थ कंट्रोल शॉट
यह एक तरह का इंजेक्शन है जिसे अनचाही प्रेग्नेंसी रोकने के लिए हर 3 महीने में एक बार लिया जाता है। यह परिवार नियोजन का सुरक्षित और आसान तरीका है और बेहद असरदार भी है अगर इसे सही समय पर लेते रहा जाए। इस इंजेक्शन में हॉर्मोन प्रोजेस्टिन होता है जो ऑव्यूलेशन की प्रक्रिया को रोक देता है। वैसे तो सरकारी अस्पतालों में यह इंजेक्शन मुफ्त में दिया जाता है लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में इसकी कीमत 250 रुपये के आसपास है।

वैसेक्टोमी या पुरुष नसबंदी
यह एक सिंपल सर्जरी है जिसमें स्पर्म कैरी करने वाले छोटे-छोटे ट्यूब्स को ब्लॉक कर दिया जाता है जिससे स्पर्म शरीर से बाहर नहीं निकलता और प्रेग्नेंसी का खतरा भी नहीं रहता और बाकी गर्भनिरोधक तरीकों की तुलना में यह 100 प्रतिशत असरदार होता है। हालांकि ज्यादातर पुरुष नसबंदी करवाने से कतराते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि परिवार नियोजन महिलाओं की जिम्मेदारी है और उन्हें ही इसे अपनाना चाहिए।

Source : Agency

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