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Sunday, November 18th, 2018

डॉक्टर ने बताया कि बच सकती थी Taarak Mehta के डॉ. हाथी की जान

कवि कुमार आजाद, जिन्हें 'तारक मेहता' में अपने डॉ. हाथी वाले किरदार से सबसे अधिक पहचान मिली, आज हमारे बीच नहीं हैं। डॉक्टर ने कहा कि यदि उन्हें पहले लाया जाता तो उनका जान बच सकती थी। आज मुंबई में डॉ. हाथी का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सोमवार सुबह कार्डिएक अरेस्ट की वजह से मंबई के वोकार्ड हॉस्पिटल में उनका निधन हो गया। वोकार्ड हॉस्पिटल के सेंटर हेड रवि हिरावनी ने बताया कि आजाद को करीब दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर हॉस्पिटल लाया गया था। उनकी धड़कनें सुनाई नहीं दे रही थी इसलिए फौरन उन्हें इमर्जेंसी में ले जाया गया और उन्हें सीपीआर (कृत्रिम तरीके सांस देने की कोशिश) देने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा, 'उनकी ECG बिल्कुल फ्लैट थी और हमने तभी आते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया था।' उन्होंने बताया कि आजाद के भाई ने उन्हें कहा कि पिछले 3-4 दिनों से उन्हें सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी और उन्हें हाइपरटेंशन और ऑब्सट्रक्टिव स्लीप ऐपनिया डिज़ऑर्डर (रात को नींद में सांसें थम जाना) जैसी समस्या से बेहद परेशान थे। डॉक्टर को बताया गया, 'वह लोकल चेस्ट फिजिशन की देखरेख में थे। हम उनकी जान बचा सकते थे यदि यदि उन्हें उसी वक्त हॉस्पिटल लाया जाता जब उन्हें सांस की समस्या शुरू हुई थी।'

शो के प्रड्यूसर असित कुमार मोदी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से डॉ. हाथी की तबीयत ठीक नहीं चल रही थी और एक बार को वह शूटिंग से जल्दी भी चले गए। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह डॉय हाथी के यहां से फोन आया कि वह काम नहीं कर सकते। मोदी ने कहा, 'वह साल 2009 में काफी बीमार पड़े थे, लेकिन उसके बाद वह हेल्दी और खुश रह रहे थे। वह सेट पर हर किसी को हंसाते और हंसते और उनके मौत की खबर से हम सभी शॉक में हैं।'

उन्होंने उनके साथ बिताए वक्त को याद करते हुए कहा जो भी वह उन्हें करने के लिए कहते, वह बड़ी स्माइल के साथ करते और कभी किसी चीज को लेकर शिकायत नहीं की।

सैफी हॉस्पिटल के फेमस सर्जन डॉ. मुफज़ल लकड़ावाला ने 7 साल पहले डॉ. हाथी का ऑपरेशन किया था। वह उन्हें उस शख्स के तौर पर याद करते हैं जो अपने मोटापे से जबरदस्त फाइट करते हुए भी खूब हंसते। उन्होंने कहा, 'उन्होंने एक बार मुझसे कहा था कि उनके काम में उनका मोटा रहना जरूरी है, लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी थी कि उन्हें इससे खतरा है। हमने 7 साल पहले उन्हें तब बचा लिया था जब बिल्कुल बुरी हालत में उन्हें कैजुअल्टी वार्ट में हॉस्पिटल लाया गया था। उस वक्त उनका वजन लगभग 265 किलो था।'

Source : Agency

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