नई दिल्ली
भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम फीफा वर्ल्ड कप-2022 क्वालिफायर टूर्नामेंट में मंगलवार को मेजबान कतर के खिलाफ उतरी. एशियाई चैम्पियन कतर के आगे भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल दिखाया. हालांकि दोनों टीमें के बीच मुकाबला ड्रॉ रहा.

कतर जैसी मजबूत टीम को रोकना आसान नहीं था, लेकिन सुनील छेत्री के बिना भारत ने मजबूत रक्षापंक्ति के दम पर गोल नहीं होने दिया. छेत्री बुखार के कारण इस मैच में नहीं उतरे. उनकी जगह कप्तानी कर रहे संदेश झिंगान ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया और डिफेंस में टीम के लिए बड़ा योगदान दिया.

हाफ टाइम में दोनों टीम की ओर से एक भी गोल नहीं किए गए. हालांकि फर्स्ट हाफ में दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने कई बार आक्रमक खेल दिखाए, लेकिन गोल करने में कामयाब नहीं हो पाए.

भारतीय टीम दूसरे हाफ में थोड़ी ज्यादा आक्रामक दिखी. 51वें मिनट में उसने सहल अब्दुल समद के दम पर गोल का सूखा खत्म करने की कोशिश की जो पूरी नहीं हो सकी. अगले मिनट में ही सहल ने उदांता को पास दिया. भारतीय खिलाड़ी अपने शॉट को सही मुकाम नहीं दे पाए और गोल नहीं हो सका.

भारत को 56वें मिनट में एक झटका लगा. रोवलिन बोर्जेस ने हायडोस पर फाउल कर दिया था जिसके कारण उन्हें येलो कार्ड दिया गया. यह भारत का इस मैच में दूसरा येलो कार्ड था. दो मिनट बाद कतर के असीम ओमेर अल हाज माडिबो को भी येलो कार्ड मिला.

कतर की टीम बेसब्र हो रही थी और जल्दबाजी में गड़बड़ियां भी कर रही थी. 70वें मिनट में मेजबान टीम को इस मैच का अपना 11वां कॉर्नर मिला, लेकिन इस बार भी गेंद नेट में नहीं जा सकी. 76वें मिनट में गुरप्रीत ने बॉक्स के बाहर से आए एक बेहतरीन शॉट को अच्छी तरह रोकते हुए कतर को एक बार फिर मायूस किया.

कतर की कोशिशों के बीच भारत को मौका नहीं मिल पा रहा था, लेकिन 81वें मिनट में उदांता ने अपनी टीम के लिए लगभग गोल कर ही दिया था. थापा ने बेहतरीन फुटवर्क दिखाते हुए गेंद अपने सहयोगी उदांता को दी. उदांता की शायद किस्मत यहां खराब थी क्योंकि गेंद बेहद करीब से गोलपोस्ट से बाहर निकल गई. गोल करने के लिए बेसब्र होती जा रही दोनों टीमों ने अंत में कुछ बदलाव भी किए, लेकिन गोल दोनों के हिस्से ही नहीं आया और मैच 0-0 के स्कोर के साथ समाप्त हुआ.