कुंडली भाग्य के पिछले एपिसोड में आपने देखा कि प्रीता द्वारा शादी से इनकार के बाद ऋषभ दुखी होता है। ऋषभ वहां से चला जाता है यह वादा करके कि अब वह कभी नहीं मिलेगा। वहीं दूसरी ओर पृथ्वी प्रीता से शादी को लेकर उत्साहित है।

लेकिन, करण सैमी के साथ उसके कमरे में प्रवेश करता है और उसको बेहोश कर देता है। करण मंडप में फिर से पृथ्वी की जगह ले लेता है। साथ ही करण सैमी को घर जाने के लिए कहता है। सैमी करण की हरकतों से चिंतित है।

वहीं सरला चिंतित है, क्योंकि प्रीता को मंडप में दुखी देखती है। प्रीता और करण एक-दूसरे के गले में माला डालते हैं।

कुंडली भाग्य में आप देखेंगे कि करण और प्रीता मंडप में बैठे हैं। इसी बीच पंडित जी दूल्हे को दुल्हन के माथे पर सिंदूर लगाने को कहते हैं। करण प्रीता की मांग टीका उठाता है और एक चुटकी सिंदुर लेता है। वह प्रीता की मांग में सिंदूर लगाया।