मुजफ्फरपुर

बिहार के मुजफ्फरपुर में सीवर की सफाई कर रहे चार मजदूरों की मौत हो गई है. हादसा मंगलवार को मधुबन कांति गांव में हुआ. इस हादसे में एक मजदूर की हालत गंभीर बनी हुई है. मौके पर प्रशासन की टीम पहुंच गई है और लाशों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है.

देश में सफाई मजदूरों का सीवर की सफाई के दौरान मरने का सिलसिला जारी है. उत्तर प्रदेश गाजियाबाद में 22 अगस्त को सीवर की सफाई कर रहे पांच सफाईकर्मियों की मौत हो गई. सिहानी गेट थाना क्षेत्र के कृष्णा कुंज इलाके में सीवर में 5 कर्मचारी उतरे थे. सीवर में दम घुटने के कारण 3 की मौत हो गई, जबकि बाकी 2 कर्मचारियों की अस्पताल में मौत होने की खबर है. घटना की सूचना पाकर नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

आंकड़े बताते हैं कि हर पांच दिन में एक मजदूर की जान सीवर सफाई के दौरान चली जाती है. कई बार ऐसा हुआ है कि एक मजदूर पहले जहरीली गैस की चपेट में आता है, फिर उसे बचाने में दूसरों की भी जान चली जाती है.

देश के कई राज्यों में सीवर की सफाई के दौरान सफाईकर्मियों की मौत की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. दिल्ली के लाजपत नगर, घिटोरनी, आनंद विहार, लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल, मुंडका, जहांगीरपुरी, बुराड़ी के नजदीक झड़ोदा गांव, राजोरी गार्डन और रोहिणी के प्रेम नगर क्षेत्र में 2017 से 2019 के बीच 18 मौतें हुईं. वहीं हरियाणा में 2017 के 2019 के बीच गुरुग्राम, पलवल, सीवर ट्रीटमेंट प्लांट, सनबीम ऑटो प्रा.लि. में आठ सफाईकर्मियों की मौत हुई.