सतना
देश भर में सीमेंट के सबसे बड़े हब के रूप में पहचान बनाने वाले मध्यप्रदेश में राज्य सरकार ने डालमिया ग्रुप को एंट्री दे दी है। यह ग्रुप यहां सीमेंट के कारोबार में उतरने के लिए सालों से प्रयासरत था। वहीं रिलायंस ग्रुप ने नाम बदलकर सीमेंट कारखाने संचालित करने का फैसला किया है जिसे राज्य सरकार ने सहमति दे दी है।

प्रदेश में सतना, रीवा, सिंगरौली, कटनी, रतलाम और सीधी जिलों में सबसे अधिक लाइम स्टोन पाया जाता है। इन्हीं जिलों में सबसे अधिक सीमेंट फैक्ट्रियां भी संचालित हैं। इन फैक्ट्रियों में जेपी सबसे पुरानी है और सीमेंट का कारोबार करने वाले नए औद्योगिक ग्रुप यहां मंजूरी पा रहे हैं। खनिज साधन विभाग द्वारा हाल ही में डालमिया ग्रुप को सीमेंट कारोबार के लिए सहमति दे दी गई है। यह ग्रुप एनओसी की औपचारिकताएं पूरी कर कारोबार शुरू कर सकेगा।

सतना जिले के पटरहाई, बैरिहा और जनार्दनपुर में 575.83 हेक्टेयर जमीन पर 50 साल के लिए लाइम स्टोन खनन के लिए राज्य सरकार ने स्वीकृति के आदेश जारी कर दिए हैं। एक अन्य आदेश में तीस साल की लीज पर लाइम स्टोन खनन की स्वीकृति पाकर सीमेंट कारोबार कर रहे रिलायंस सीमेंट के प्रस्ताव पर शासन ने उसका नाम बदलने को मंजूरी दे दी है। इस सीमेंट कम्पनी द्वारा बांधी और घोरबई में 129.802 हेक्टेयर जमीन पर लगाए गए प्रोजेक्ट का नाम मेसर्स रिलायंस सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड की बजाय मेसर्स आरसीसीपीएल प्राइवेट लिमिटेड करने के लिए दिए गए प्रस्ताव को स्वीकृत कर दिया गया है।

राज्य सरकार ने 55 साल की लीज पर दी गई मैहर सीमेंट की खनन की अनुमति अल्ट्राटेक सीमेंट को दिए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। मैहर सीमेंट को भदनपुर व मोहरबा में 296.95 हेक्टेयर जमीन पर खनन की अनुमति 2030 तक मिली है। इसे अल्ट्राटेक सीमेंट को अंतरित किए जाने का प्रस्ताव सतना कलेक्टर के माध्यम से शासन तक पहुंचा था जिसे मंजूर कर दिया गया है।