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Sunday, November 18th, 2018

शादी में लिमोजिन कार नहीं भेजी, ट्रैवल कंपनी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना

अहमदाबाद
गुजरात में एक उपभोक्ता अदालत ने एक ट्रैवल कंपनी को उसके ग्राहक को 25 हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया है। दो साल पुराने इस मामले में ट्रैवल कंपनी ने पहले तो दूल्हा-दुल्हन को लिमोजिन कार के लिए इंतजार कराया और बाद में गाड़ी भी नहीं भेजी। शादी के दिन दूल्हा-दुल्हन एक वैन में लिमोजिन का इंतजार करते-करते थक गए लेकिन उन्हें इसके दर्शन नहीं हुए।

 
यह घटना आणंद जिले के बोरसाड़ कस्बे की है। यहां के गुलाम रसूल वोहरा ने आणंद की एन लिमोजिन इंटरनैशनल नाम की ट्रैवल कंपनी में अपने बेटे शोएब की शादी के लिए लिमोजिन बुक कराई थी। शादी 20 नवंबर 2016 को तय थी।

निकाह के दिन नहीं पहुंची लिमोजिन
शादी के दो हफ्ते पहले वोहरा ने कंपनी को लिमोजिन बुक करने के लिए 5000 रुपये अडवांस में दिए। कंपनी ने पूरे दिन भर के लिए लिमोजिन की बुकिंग का किराया 24000 रुपये रखा था। निकाह के दिन वोहरा और उनके बेटे शोएब लिमोजिन का इंतजार करते रह गए लेकिन कार नहीं पहुंची। इसके बाद आणंद में हो रही शादी में शिरकत करने के लिए मेहमान और दूल्हा दूसरी गाड़ियों से रवाना हुए।

1 लाख के जुर्माने का ठोका केस
इस घटना से खिन्न होकर वोहरा ने ट्रैवल कंपनी के खिलाफ आणंद की जिला उपभोक्ता अदालत में केस करते हुए 1 लाख रुपये के जुर्माने की मांग की। वोहरा का कहना था कि पहले से बुक लिमोजिन नहीं पहुंचने से उन्हें मेहमानों के सामने शर्मनाक हालात का सामना करना पड़ा। इस दावे में कंपनी को अडवांस में दी गई 5000 रुपये की रकम को जोड़ते हुए पैसा लौटाने की मांग की गई।

बुकिंग रद्द करने से इनकार पर हंगामा: कंपनी
कंपनी ने अपनी दलील में कंज्यूमर कोर्ट को बताया कि शिकायतकर्ता ने बुकिंग के एक हफ्ते बाद उनके दफ्तर पहुंच कर बुकिंग रद्द करने और अडवांस में दी गई रकम वापस करने का दबाव बनाया। कंपनी ने उन्हें पैसा देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद गुस्साए वोहरा ने उनके ऑफिस में हंगामा खड़ा कर दिया।

ट्रैवल कंपनी पर झूठी कहानी बनाने का आरोप
वहीं शिकायतकर्ता ने कंपनी के दावे को झूठा ठहराते हुए अदालत से कहा कि उन्होंने कभी बुकिंग रद्द नहीं की थी और शादीवाले दिन भी वह लिमोजिन का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रैवल कंपनी ने मनगढ़ंत कहानी रची है।

कंज्यूमर कोर्ट ने दिया जुर्माने का आदेश
केस की सुनवाई के बाद अदालत ने अपने फैसले में कहा कि लिमोजिन के मालिक ने बुकिंग रद्द करवाने के दावे की पुष्टि के लिए कोई सबूत नहीं पेश किए हैं। आणंद जिला कंज्यूमर कोर्ट ने कहा कि इसके लिए एक लिखित आवेदन किया जाता है लेकिन कंपनी ने ऐसा कोई भी दस्तावेज अदालत को नहीं मुहैया कराया।

उपभोक्ता अदालत ने ट्रैवल कंपनी को 25 हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश सुनाते हुए कहा कि मानसिक यातना के लिए 95 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग कुछ ज्यादा है।

Source : Agency

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