Monday, September 24th, 2018

9 महीने के बेटे को मां ने दान किया अंग, सफल हुआ लिवर ट्रांसप्लांट ऑपरेशन

मुंबई
नौ महीने के एक बच्चे का लिवर ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक हो गया। इसी के साथ काव्य राउत सबसे कम उम्र में इस सर्जरी से गुजरनेवाला पश्चिमी भारत का पहला बच्चा है। डॉक्टरों के मुताबिक, काव्य राउत का जब जन्म हुआ तो वह बिलिअरी अट्रेसिया नाम से पीड़ित था। इसमें बाइल डक्ट यानी पित्त वाहिनी या तो बंद थीं या फिर वह अनुपस्थित थीं। 

काव्य के माता-पिता ने बच्चे की हालत में सुधार के लिए कई सर्जरी कराईं। इस उपचार के खत्म होते-होते बच्चे के लिवर को बहुत नुकसान पहुंचा। बता दें कि विवेक और निशा महाराष्ट्र के पालघर के स्थानीय निवासी हैं। 

मां का अंग बेटे को हुआ ट्रांसप्लांट 
निशा ने अपने लिवर का एक हिस्सा दान किया, जो कि सफलतापूर्वक सर्जरी के माध्यम से काव्य को ट्रांसप्लांट किया गया। मुंबई सेंट्रल में स्थित वॉकहार्ट हॉस्पिटल में यह ट्रांसप्लांट डॉक्टर अनुराग श्रीमल के नेतृत्व में किया गया। सर्जरी में शामिल डॉक्टर गौरव गुप्ता कहते हैं, 'हम महिला के लिवर के एक छोटे से हिस्से को ही बच्चे के शरीर में फिट कर सकते थे। हमें जो हिस्सा निकालना था उसका वजहन तकरीबन 260 ग्राम था। हमने इसे 210 ग्राम तक कम किया ताकि बच्चे का शरीर इसे समायोजित कर सके। 

'इलाज नहीं हो रहा था सफल, बिगड़ रही थी सेहत'
बच्चे की मां का कहना है, 'काव्य जब लगभग दो महीने का था तब उसकी पहली सर्जरी हुई थी।' निशा कहती हैं, '...लेकिन ये इलाज सफल नहीं हुए। उसकी सेहत बिगड़ने लगी थी और उसका वजन भी नहीं बढ़ रहा था।' 

'उम्र की वजह से ट्रांसप्लांट बना चुनौती' 
ऑपरेशन करनेवाले डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे की उम्र की वजह से उसकी सर्जरी बहुत बड़ी चुनौती बनी हुई थी। डॉक्टर श्रीमल कहते हैं, 'एक छोटी सी गलती भी बहुत बड़ा दुष्प्रभाव पैदा कर सकती थी। सर्जरी के बाद हमने यह बात आश्वस्त की कि लिवर अच्छे ढंग से काम कर रहा है ताकि बच्चा जल्दी ठीक हो सके। काव्य भाग्यशाली है कि उसकी सर्जरी बहुत अच्छे तरीके से पूरी हुई।' बता दें कि बच्चे की सर्जरी करने में लगभग 12-14 घंटे का वक्त लगा। 

Source : Agency

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