कोरबा
जिला प्रशासन द्वारा आज कोरबा ब्लाक के ग्राम गोढ़ी में सामाजिक विषमता एवं भेदभाव को दूर करने के लिए अस्पृश्यता निवारण सद्भावना शिविर एवं सद्भावना भोज का आयोजन किया गया। शिविर में महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व श्री लाल बहादुर शास्त्री तथा देश में छुआछूत को दूर करने के लिये लड़ाई लड़ने वाले डॉ भीमराव अंबेडकर को याद किया गया। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित शिविर के मुख्य अतिथि लोकसभा सांसद ड़ॉ बंशीलाल महतो तथा अध्यक्षता संसदीय सचिव श्री लखन लाल देवागंन ने की। इस अवसर पर, कलेक्टर मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती रेणुका राठिया, जिला पंचायत सदस्य उमादेवी पन्ना, सहायक आयुक्त श्री बी.आर. बंजारे, सीएसईबी पूर्व के इंजीनियर श्री एस के बंजारा, श्री मनीराम जांगड़े, कीर्तनलाल भारद्वाज, यू.आर. महिलांगे, रामस्वरूप चौधरी, के आर डहरिया, ग्राम गोढ़ी की सरपंच श्रीमती गायत्री कमल सहित ग्रामीणजन उपस्थित थे। कार्यक्रम में वरिष्ठजन बुधराम, धनउराम यादव, गौटिनबाई महिलांगे, श्यामलाल सारथी, मालिक राम टंडन का सम्मान किया गया।

अस्पृश्यता निवारण शिविर में मुख्य अतिथि सांसद डा. महतो ने कहा कि गरीबों और पिछड़ों को आगे लाना ही हमारा कर्तव्य एवं मानव धर्म है। गांधीजी ने सामाजिक विषमता को दूर करने के लिए अस्पृश्यता (छुआछूत) दुर करने का प्रयास किया। सामाजिक विषमता को दूर करके ही समाज को तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ाया जा सकता है। भारतीय संविधान निर्माता डॉ ़ भीमराव अम्बेडकर, बाबा गुरुघासीदास एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सामाजिक चेतना जगाकर समाज में बराबरी का स्थान दिलाया। आज शिक्षा की वजह से ही समाज में पिछड़े लोग उंचे पद पर पहुंच रहे है। इसलिये शिक्षित बनना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार द्वारा पिछड़े तबको के लोगों के विकास के लिये महत्वपूर्ण कदम उठाये जा रहे है।  

अध्यक्षीय उद्बोधन में संसदीय सचिव श्री दंवांगन ने कहा कि बाबा गुरुघासीदास पूरी मानवता के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। जिन्होंने समाज में उॅच-नीच एवं भेदभाव को दूर करने का प्रयास किया और मनखे मनखे एक समान का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार समाज से छुआछत दूर हो रहा है उसी तरह देश से गंदगी को भी मिटाना आवश्यक है। तभी देश का विकास होगा। कलेक्टर मो हक ने गांधी एवं शास्त्री जयंती की बधाई देते हुये बताया कि हमें अपने आसपास की गंदगी को दूर कर स्वच्छ माहौल में रहना चाहिये। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान सबके लिये प्रेरणास्रोत है और अलग अलग धर्म और विविधता होने के बावजूद सभी को एक सूत्र में बांधने और सबके विकास के लिये अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि समाज को संविधान के प्रावधानों का लाभ उठाकर आगे बढ़ना चाहिये। एक बेहतर भारत निर्माण का सपना संविधान निर्माताओं ने देखा था, इसे पूरा करने हम सभी एकजुट हो। समाज के भीतर उंच नीच मिटाकर आगे बढ़ेंगे तो शासन प्रशासन का सहयोग हमेशा बना रहेगा। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री बंजारे ने शिविर के आयोजन के संबध में जानकारी दी। इस दौरान सदभावना भोज में जनप्रतिनिधिगण, ग्रामीण एवं अधिकारी शामिल हुये। कार्यक्रम में पंथी नृत्य की प्रस्तुति दी गई।