भोपाल
टेरर फंडिंग मामले में एटीएस तीनों आरोपियों को सोमवार को जिला अदालत में पेश करेगी। बलराम और उसके दो साथियों से एटीएस को खास जानकारी अब तक हाथ नहीं लगी है। इधर पूर्व में टेरर फंडिंग मामले से जुड़े आरोपी मनीष गांधी की जमानत रद्द करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अब प्रदेश पुलिस सक्रिय हो सकती है। मनीष गांधी के कारण ही बलराम और उसके अन्य साथियों को जमानत मिली थी।

सूत्रों की मानी जाए तो टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार बलराम ने पहले के ही कनेक्शन फिर से बताए हैं। दिल्ली सहित अन्य शहरों में उसने अपना नेटवर्क बताया है। हालांकि एसटीएस उससे यह नहीं जान सकी कि उसने देश के किन-किन स्थानों के फोटो या अन्य जानकारी पाकिस्तान में अपने साथियों को भेजी है।

इधर मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश के बाद  मनीष गांधी की जनानत रद्द करवाने के लिए अब एसटीएस के अफसर सक्रिय हो सकते हैं। फरवरी 2017 में भोपाल से पकड़े गए मनीष गांधी को इस मामले में सबसे पहले जमानत मिली थी। उस वक्त गांधी की पुलिस गिरफ्त में तबीयत होने की बात सामने आई थी। बाद में उसे हाईकोर्ट ने जमानत दे दी। अब एटीएस मनीष गांधी की जमानत सुप्रीम कोर्ट से रद्द करवाकर इस मामले में बाकी के आरोपियों की जमानत निरस्त करवाने का प्रयास कर सकती है।