बिआरित्ज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज फ्रांस में होने जा रही G-7 की बैठक में हिस्सा लेंगे। इस दौरान पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी हो सकती है, संभव है कि इसमें मोदी और ट्रंप के बीच कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा हो। सात अमीर मुल्कों के इस समूह (G-7) की बैठक में भारत विशेष आमंत्रित सदस्य है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती और ट्रेड वॉर को लेकर बढ़ती चिंता के कारण भी आज दुनिया की नजर इस बैठक पर है। अटलांटिक महासागर तट के सुरम्य शहर बिआरित्ज में जब एक मंच पर आएंगे तो दुनिया ट्रेड वॉर पर को लेकर सकारात्मक नतीजों की उम्मीद करेगी, क्योंकि इसका असर वैश्विक है। G-7 में फ्रांस, जर्मनी, यूके, इटली, अमेरिका, कनाडा और जापान शामिल हैं।
विकसित देशों के समूह की इस सालाना बैठक में अमेजन के जंगलों में लगी आग, ब्रेक्सिट के डेडलॉक को खत्म करने और व्यापार तनाव में कमी लाने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श होगी। सम्मेलन के आधिकारिक शुरुआत से कुछ घंटे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने टेलिविजन पर जनता को संबोधित करते हुए जोर दिया कि अमेजन के जंगलों में लगी आग अजेंडा में सबसे ऊपर है और उन्होंने दावा किया कि 'हमारे घर जलाए जा रहे हैं।' फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा, 'जलवायु और जैव विविधता G-7 का दिल है। अमेजन में जलाए जा रहे जंगल और समुद्र हमें पुकार रहे हैं। हमें उन्हें ठोस जवाब देना होगा। इन विषयों पर खाली बातचीत का वक्त नहीं है, बल्कि कुछ ठोस काम करना होगा।'

अमेरिका-यूरोप में भी तनातनी
यूरोपीय संघ के अध्यक्ष डॉनल्ड टस्क ने बिआरित्ज में कहा, 'व्यापार युद्ध से मंदी आएगी जबकि व्यापार समझौते से अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।' वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बिआरित्ज के लिए उड़ान भरने से ठीक पहले धमकी दी कि यदि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिकी टेक्नॉलजी कंपनियों पर लगाया कर वापस नहीं लिया तो वह फ्रेंच वाइन पर भारी-भरकम शुल्क लगाएंगे। टस्क ने इसके उत्तर में कहा कि यूरोपीय संघ भी बराबर की प्रतिक्रिया करेगा। उन्होंने कहा, 'अपने सबसे अच्छे सहयोगी अमेरिका के साथ टकराव का रास्ता हमारे लिए अंतिम विकल्प होगा। हमने यह पहल नहीं की है, व्यापार और शुल्क का यह संघर्ष... हमने शुरू नहीं किया है, लेकिन हमें तैयार रहना चाहिए और हम तैयार हैं।'

चीन-अमेरिका के बीच बढ़ा ट्रेड वॉर
इससे पहले ट्रंप ने शुक्रवार को चीन के साथ जारी व्यापार युद्ध को और भड़काने की बात की। ट्रंप ने चीन के द्वारा अमेरिका से आने वाले 75 अरब डॉलर के सामान पर शुल्क लगाने की प्रतिक्रिया में चीन के सामान पर लगा अतिरिक्त शुल्क पांच प्रतिशत और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा, 'स्पष्ट कहें तो हमें चीन की जरूरत नहीं है।.. चीन के बिना हम अच्छी स्थिति में होंगे।'

मोदी और ट्रंप की मुलाकात
G-7 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से प्रस्तावित है। दोनों शीर्ष नेताओं के बीच विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। भारत बार-बार जोर देकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कह चुका है कि कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है और इसे दोनों पक्षों के बीच ही सुलझाया जाएगा। जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देनेवाले आर्टिकल 370 को हटाने के फैसले को भारत ने आंतरिक मुद्दा करार दिया है। पाकिस्तान को भी भारत ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि वह यथास्थिति को स्वीकार कर लें।

क्या कहा था ट्रंप ने?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले दिनों कहा था कि वह फ्रांस में G-7 शिखर सम्मेलन में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे तो उनसे कश्मीर के हालात पर और भारत-पाक के बीच तनाव कम करने में मदद करने पर चर्चा करेंगे। ट्रंप ने मंगलवार को वॉइट हाउस में संवाददाताओं से कहा था कि जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद भारत और पाकिस्तान में नए सिरे से बढ़े तनाव के बीच वह कश्मीर के हालात को शांत करने की कोशिश करने में प्रसन्नता का अनुभव करेंगे। इससे एक दिन पहले ही ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से अलग अलग फोन पर बात की थी।