मुंबई
सर्च इंजन गूगल ने कर्मचारियों के लिए एक नया दिशा-निर्देश जारी किया है। गूगल ने शुक्रवार को कर्मचारियों को कहा है कि वे अपने सहकर्मियों के साथ राजनीतिक या अन्य मुद्दों पर बहस न करें और अपना ध्यान काम पर ही केंद्रित करें।

इतना ही नहीं, इस संदर्भ में गाइडलाइंस में मैनेजर और फोरम का नेतृत्व करनेवाले व्यक्ति को कहा गया है कि यदि कोई कर्मचारी इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

गूगल ने अपने कर्मचारियों को जिम्मेदार, सहायक और विचारशील बनने को कहा है। गूगल द्वारा ऐसी गाइडलाइंस पहली बार जारी की गई हैं। यह कंपनी कर्मचारियों को अपनी मन की बात कहने के लिए हमेशा से ही प्रोत्साहित करती रही है।

गाइडलाइंस के अनुसार, 'अपने सहकर्मियों के साथ सूचना और विचार साझा करने से एक बेहतर कम्युनिटी का निर्माण होता है जबकि राजनीति और अन्य समाचार पर की गई बहस से सिर्फ बाधा पहुंचती है। हमारी पहली प्राथमिकता है कि कर्मचारी वह काम करें, जिसके लिए हमने उन्हें भर्ती की है। हम नहीं चाहते कि वे गैरजरूरी मुद्दों को लेकर बहस करके समय बर्बाद करें।'

इसके साथ ही गाइडलाइंस में यह भी कहा गया है कि, 'कर्मचारियों के बीच हुई बहस से उनकी टिप्पणी सार्वजनिक होगी। इससे कंपनी को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है और इसका गलत प्रभाव पड़ेगा। गूगल के किसी भी उत्पादों या कारोबार को लेकर गलत या भ्रामक बयान देने से बचें, क्योंकि इससे हमारे उत्पादों और काम को लेकर लोगों के बीच भरोसा कम हो सकता है।'

दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गूगल पर राष्ट्रपति चुनाव में हेरा-फेरी करने का आरोप लगाने के बाद गूगल ने यह गाइडलाइंस जारी की हैं। ट्रंप ने साल 2016 के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के पक्ष में 16 मिलियन वोट के हेरफेर करने को लेकर गूगल पर आरोप लगाया था। इतना ही नहीं, इसके लिए ट्रंप ने गूगल से निकाले गए एक इंजीनियर के बयान का हवाला भी दिया था। लेकिन गूगल ने इसे बेबुनियाद बताया था।