विटमिन डी जिसे सनशाइन विटमिन भी कहा जाता है हमारे शरीर को हेल्दी बनाए रखने और बैलेंस्ड सिस्टम के लिए बेहद जरूरी है। वैसे तो विटमिन डी का सबसे अच्छा सोर्स सूरज की रोशनी है। लेकिन आज की भागती दौड़ती जिंदगी में लोगों के पास धूप में निकलने का भी समय नहीं है। आपको जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ वयस्कों में ही नहीं बल्कि छोटे-छोटे बच्चों में भी विटमिन डी की कमी देखने को मिल रही है।

विटमिन डी की कमी से बच्चे होते हैं चिड़चिड़े और गुस्सैल
इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि अब बच्चे भी दिनभर में घर में टीवी और मोबाइल के साथ खेलते रहते हैं और बाहर धूप में निकलकर आउटडोर गेम्स खेलना पसंद नहीं करते। साथ ही अगर डायट में ऐसी चीजें शामिल ना हों जिसमें विटमिन डी होता है तो जाहिर सी बात है बच्चे के शरीर में भी तेजी से विटमिन डी की कमी होने लगेगी। हाल ही में जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक स्टडी में यह बात सामने आयी है कि वैसे बच्चे जिनमें विटमिन डी की कमी होती है, वे बहुत अधिक चिड़चिड़े, गुस्सैल और तनावग्रस्त हो जाते हैं। यह स्टडी मिशिगन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने की है।

हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे फूड आइटम्स के बारे में जिन्हें अगर आप अपने डेली डायट में शामिल कर लें तो विटमिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है...


फैटी फिश
सैलमन, ट्यूना और मैकेरल जैसी मछलियों में विटमिन डी की मात्रा सबसे अधिक होती है और इसलिए अगर आपके शरीर में विटमिन डी की कमी है तो आपको इनका सेवन डेली बेसिस पर करना चाहिए। इनमें फैटी ऐसिड और ओमेगा 3 की मात्रा भी अधिक होती है जिससे इम्यूनिटी बेहतर होती है और शरीर को एनर्जी मिलती है।

कॉड लिवर ऑइल
आप चाहें तो अपनी डायट में कॉड लिवर ऑइल सप्लिमेंट को भी शामिल कर सकते हैं। इसमें भी विटमिन डी और ओमेगा 3 की मात्रा बहुत अधिक होती है और इन दोनों में ऐंटि इन्फ्लेमेट्री प्रॉपर्टी की वजह से ये जॉइंट्स के आसपास होने वाली सूजन को भी कम करते हैं।

अंडे का पीला हिस्सा
इसमें कोई शक नहीं कि अंडा सबसे हेल्दी फूड्स में से एक है। हालांकि ज्यादातर लोग सिर्फ अंडा खाते हैं और उसके पीले वाले हिस्से को हटा देते हैं। लेकिन जिन लोगों के शरीर में विटमिन डी की कमी है उन्हें अंडे का पीला हिस्सा हर दिन खाना शुरू कर देना चाहिए।