नई दिल्ली 
सीबीआई ने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से जुड़े आईएनएक्स मीडिया मामले में लेनदेन का पता लगाने के लिए पांच देशों को लेटर रोगेटरी (एलआर) यानी न्यायिक अनुरोध पत्र भेजे हैं। जिन देशों को एलआर भेजे गए हैं उनमें ब्रिटेन, मॉरीशस, सिंगापुर, बारमूडा तथा स्विटजरलैंड शामिल हैं।

एजेंसी की यह कार्रवाई चिदंबरम की गिरफ्तारी के दो दिन बाद हुई है। चिदंबरम को वित्तमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान 305 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश प्राप्त में आईएनएक्स मीडिया को 2007 में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में कथित अनियमितता बरतने के लिए गिरफ्तार किया गया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बाद में सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। सूत्र ने कहा कि एजेंसी को संदेह है कि पिता-पुत्र की जोड़ी ने इन देशों में कई अचल संपत्तियां और 16 से अधिक बैंक खाते रखे हैं। चिदंबरम को बुधवार (21 अगस्त) रात दिल्ली के पॉश जोर बाग इलाके में स्थित उनके आवास से हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई अधिकारी उनके आवास में छह फुट ऊंची दीवार फांदकर घुसे थे।

 सूत्रों का कहना है कि हिरासत में चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री पी चिदंबरम से दूसरे दिन सीबीआई जांच अधिकारियों ने पूछताछ की। उनसे किन सवालों पर बातचीत की गई इस संबंध में सीबीआई अधिकारी खुलकर कुछ नहीं बता रहे हैं, लेकिन अधिकारियों का यह कहना है कि अधिकांश सवालों के जवाब पर वह टालमटोल कर गए। शाम करीब पांच बजे चिदंबरम से मिलने के लिए उनके परिवार के लोग मुख्यालय पहुंचे थे, इन लोग को अदालत के आदेश पर मिलने के लिए अनुमति दी गई थी।

दस्तावेज स्वीकार करने से इनकार
आईएनएक्स मीडिया प्रकरण में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान आदेश लिखाए जाने के बाद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उच्चतम न्यायालय को सीलबंद लिफाफे मे कुछ दस्तावेज सौंपने का प्रयास किया। मगर पीठ ने दस्तावेज को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। 

तीखी बहस हुई
उसुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के वकील एवं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ अधिवक्ता एवं चिदंबरम के पार्टी सहयोगी कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी के बीच तीखी बहस हुई। 

मेहता ने विरोध किया
मेहता ने धनशोधन के मामले में चिदंबरम को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दिए जाने का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा, मुखौटा कंपनियों के माध्यम से मोटी रकम इधर से उधर हुई थी। 

अलग याचिका दायर
सिब्बल और सिंघवी ने कहा कि उन्होंने चिदंबरम को हिरासत में देने के विशेष अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए अलग याचिका दायर की हैं। उच्च न्यायालय ने अंतरिम संरक्षण रद्द करने और अग्रिम जमानत की याचिका अस्वीकार करते समय ईडी के उस नोट को रिकॉर्ड पर लिया है। 

फैसले को चुनौती
पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया मामले में अग्रिम जमानत की याचिका खारिज करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के 20 अगस्त के फैसले को बुधवार को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी। 

रिमांड को भी चुनौती
पी चिदंबरम ने 22 अगस्त को सीबीआई को पांच दिन के लिए दी गई रिमांड को भी चुनाती दी। शीर्ष कोर्ट में दायर की गई याचिका में उन्होंने कहा कि मामले में दायर एफआईआर में उनका नाम नहीं है।