इंदौर
इंदौर में जन्माष्टमी के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवकों का विशेष पथ संचलन निकला. भगवान श्रीकृष्ण की बात हो तो बांसुरी का जिक्र खुद ब खुद आ ही जाता है. जन्माष्टमी के मौके पर निकले खास पथ संचलन में स्वयंसेवक बांसुरी बजाते हुए सड़क पर निकले और गोपाल मंदिर पहुंच कर भगवान श्रीकृष्ण के समक्ष बांसुरी बजाकर उनकी वंदना की.

सुबह पूरे इंदौर में बांसुरी की गूंज थी. शहर के विभिन्न मार्गों पर आरएसएस के स्वयंसेवक जब पथ संचलन कर रहे थे, तो उस समय कदमताल करने के साथ बांसुरी वादन भी किया जा रहा था. इस पथ संचलन में आरएसएस के कई नन्हें स्वयंसेवक भी शामिल हुए, जो बांसुरी की मधुर धुन छेड़ रहे थे. संघ के अर्चना कार्यालय से शुरू हुआ यह पथ संचलन शहर की कई सड़कों से गुजरते हुए गोपाल मंदिर पहुंचा. पथ संचलन के लिए आरएसएस की ओर से खास तैयारियां की गई थी. लंबे समय से चल रहे अभ्यास के बाद इन स्वयंसेवकों के लिए जन्माष्टमी परीक्षा की घड़ी थी. इन्होंने पथ संचलन के दौरान सबसे पहले राजवाड़ा पर बांसुरी वादन किया और फिर गोपाल मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के दर पर पहुंचकर बांसुरी के जरिए उनका वंदन किया. बांसुरी पथ संचलन की यह परंपरा काफी पुरानी है. शहर में आरएसएस हर साल जन्माष्टमी के मौके पर इस तरह का पथ संचलन निकालता है और भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में अपने श्रद्धासुमन अर्पित करता है.