लखनऊ 

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री  अखिलेश यादव ने शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष  नरेश उत्तम पटेल को छोड़कर समाजवादी पार्टी की सभी जिला/महानगर कार्यकारिणी इसके अध्यक्षों सहित भंग कर दिया  है। समस्त विधानसभा क्षेत्रों की कमेटियां, विधानसभा अध्यक्षों सहित तत्काल प्रभाव से भंग कर दी गई है।

लोकसभा चुनाव में केवल पांच सीटों तक ही सिमट गई समाजवादी पार्टी ने चुनाव के बाद यह बड़ा कदम उठाया है।   समाजवादी पार्टी के चारों युवा संगठनों की राष्ट्रीय कार्यकारिणी भी इसके राष्ट्रीय अध्यक्षों सहित भंग कर दी गई है। इसके अतिरिक्त समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  अखिलेश यादव ने सभी युवा संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों सहित उनकी कार्यकारिणी भी तत्काल प्रभाव से भंग कर दी है। 

 अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के अन्य सभी प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्षों सहित उनकी कार्यकारिणी, और उनकी जिला तथा महानगर कार्यकारिणी भी अध्यक्षों समेत सभी को भंग कर दिया है। अखिलेश ने पार्टी हर मोर्चे, प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय से लेकर जिला कार्यकारिणी को भंग करने को बाद इसकी सूचना पार्टी के  संरक्षक मुलायम सिंह यादव को दे दी है। 

लोकसभा चुनाव के बाद बसपा ने भी समाजवादी पार्टी से अपना गठबंधन तोड़ लिया। इसके बाद समाजवादी पार्टी अलग-थलग पड़ गई थी। अब अखिलेश अपनी पार्टी का नए सिरे से पार्टी का पुनर्गठन कर उपचुनाव और विधानसभा चुनावों की तैयारी करेंगे। 


ओमप्रकाश राजभर मिले अखिलेश से मि‍लेे
 सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने शुक्रवार को सपा कार्यालय में सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस मुलाकात को दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन होने की संभावना मद्देनजर देखा जा रहा है। दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई।  बताते हैं कि इस बातचीत में दोनों नेताओं ने उपचुनाव और  2022 के विधानसभा चुनाव में दोनों दलों के साथ आने की संभावनाओं पर विचार किया। मुलाकात में भाजपा के सामने चुनौती पेश करने की रणनीति पर भी चर्चा की गई। हालांक, राजभर ने इस मुलाकात को औपचारिक बताया है और गठबंधन की चर्चा को खारिज किया है। लेकिन इतना जरूर कहा कि प्रदेश की 150 सीटों पर उनके पास पांच से 50 हजार तक वोट हैं। भविष्य में वह किसी न किसी पार्टी से गठबंधन करेंगे।