नई दिल्ली
एशेज सीरीज के तीसरे टेस्ट का पहला दिन जोफ्रा आर्चर के नाम रहा था, जबकि दूसरे दिन जोश हेजलवुड (30/5) का तूफान देखने को मिला। आलम यह रहा कि मेजबान इंग्लैंड टीम अपनी पहली पारी में महज 27.5 ओवरों में 67 रन पर ही ढेर हो गई। हेजलवुड के अलावा ऑस्ट्रेलिया के लिए पैट कमिंस ने 23 रन देकर 3 विकेट झटके, जबकि जेम्स पैटिंसन ने महज 9 रन देकर दो विकेट अपनी झोली में डाले। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 167 रन पर ऑलआउट हो गई थी।

रेकॉर्ड पर नजर डाली जाए तो 1948 के बाद इंग्लैंड का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह सबसे खराब प्रदर्शन है। 1948 में वह 42.1 ओवर में 52 रन पर ढेर हो गई थी। दूसरी ओर, इंग्लैंड का यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 8वां सबसे कम स्कोर है। हालांकि, उसका टेस्ट में सबसे खराब प्रदर्शन 1987 में आया था, जब पूरी टीम 45 रन पर पविलियन लौट गई थी।

सिर्फ एक बल्लेबाज दहाई पार
इस मैच की बात करें तो जब वह दूसरे दिन बैटिंग के लिए उतरी तो उसे चौथे ओवर में पहला झटका जेसन रॉय (9) के रूप में लगा। उन्हें पैट कमिंस ने कप्तान टिम पेन के हाथों लपकवाया। उस वक्त टीम स्कोर 10 रन था। टीम अर्धशतक पूरा करती इसे पहले ही उसके 6 बल्लेबाज पविलियन लौट गए। कप्तान जो रूट बगैर खाता खोले हेजलवुड की गेंद पर डेविड वॉर्नर के हाथों लपके गए।

रोरी बर्न्स (9) को हेजलवुड ने आउट किया तो बेन स्टोक्स (8) को जेम्स पैटिंसन ने चलता किया। जो डेनसी 49 गेंदों में 12 रन बनाकर आउट हुए, जो टीम की ओर से सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा। इसके बाद कोई भी बल्लेबाज कंगारू गेंदबाजी का टिककर सामना नहीं कर सका और निरंतर अंतराल पर विकेट गंवाते रहे।