नई दिल्‍ली
भारत समेत दुनियाभर में आर्थिक सुस्‍ती का दौर चल रहा है. इस माहौल में दुनियाभर में सोने की कीमत में भी तेजी देखने को मिल रही है. अगर भारत के संदर्भ में बात करें तो सोने का भाव 39 हजार रुपये प्रति दस ग्राम के करीब है. बीते गुरुवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने का भाव 150 रुपये की तेजी के साथ 38,970 रुपये की नई ऊंचाई को छू गया. यह अब तक का सबसे महंगा भाव है. इसी तरह चांदी की कीमत ने भी 45 हजार प्रति किलोग्राम के भाव को पार कर लिया है. ऐसे में सवाल है कि आर्थिक सुस्‍ती की हालत में सोने की डिमांड क्‍यों बढ़ रही है. आइए जानते हैं पूरे मामले को..

क्‍यों बढ़ती है कीमत

दरअसल, सोने को सुरक्षित निवेश का सबसे बेहतर साधन माना जाता है. ऐसे में जब भी निवेशकों को आर्थिक हालात ठीक नहीं लगते तब वह सोने के निवेश को प्राथमिकता देते हैं. इसका नतीजा ये होता है कि सोने की डिमांड बढ़ जाती है. सोने की डिमांड बढ़ने की वजह से कीमत में इजाफा होता है. इसके अलावा घरेलू बाजार में खरीदारी ज्‍यादा होती है, तब भी सोने के भाव में तेजी आती है. खासतौर पर त्‍योहारी सीजन में सोने की खरीदारी बढ़ जाती है. वहीं सरकार की नीतियों और फैसलों का भी सोने के भाव पर असर पड़ता है.