उमरिया
 जन्माष्टमी पर सालभर में एक बार खुलने वाला बांधवगढ़ का राम-जानकी मंदिर शुक्रवार सुबह खुला। यहां सबसे पहले रीवा रियासत के वंशज व महाराजा मार्तण्ड सिंह जूदेव के पोते दिव्यराज सिंह द्वारा पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर उनके साथ परिवार के कई अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। उमरिया बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में लगने वाले जन्माष्टमी के मेले के लिए दूर-दूर से आए श्रद्धालु टाइगर रिजर्व के अंदर बने किले पर दर्शन को पहुंच रहे हैं। सुबह 7 बजे से प्रवेश शुरू हुआ था जो 10 बजे तक जारी रहेगा। दोपहर 2:30 बजे तक वापसी करनी अनिवार्य है, यानी 5 बजे शाम तक टाइगर रिजर्व से सभी को बाहर कर दिया जाएगा।

रीवा रियासत राज्य परिवार के वारिस मार्तंड सिंह जूदेव के पोत्र दिव्यराज सिंह ने कहा कि जन्माष्टमी रात में होती है इसलिए श्रद्धालुओं को रात के समय भी मंदिर में रुकने की अनुमति दी जाए। उन्होंने आशंका जताई कि वन विभाग के लोग मेले को खत्म कर देना चाहते हैं इसलिए समुचित व्यवस्था नहीं जुटाई जाती।