संयुक्त राष्ट्

संयुक्त राष्ट्र में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर एक लंबी बहस चल रही है. अमेरिका ने धार्मिक स्वतंत्रता पर चीन और पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई.वहीं ब्रिटेन, कनाडा ने भी धार्मिक भेदभाव को लेकर पाकिस्तान और चीन को आड़े हाथों लिया.

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में अमेरिकी दूत सैम ब्राउनबैक ने कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यक भेदभावपूर्ण कानूनों और प्रथाओं से पीड़ित हैं. साथ ही चीन में धार्मिक स्वतंत्रता पर व्यापक और अनुचित प्रतिबंध बढ़ाए जा रहे हैं, इसे लेकर हम चितिंत हैं.

अमेरिकी दूत सैम ब्राउनबैक ने कहा कि हम चीनी सरकार से उस राष्ट्र में सभी के मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता का सम्मान करने का आग्रह करते हैं.

वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दुनिया भर के देशों से धार्मिक नफरत खत्म करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम के खिलाफ घृणा, ईसाइयों और अन्य धार्मिक समूहों के उत्पीड़न की भावना को खत्म किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि यहूदियों की हत्या कर दी गई थी. मस्जिदों  में मुस्लिमों को मारा जा रहा है. उनके धार्मिक स्थलों को तोड़ा जा रहा है. वहीं  ईसाइयों को मारा जा रहा है और उनके चर्चों में आग लगाई जा रही है.

धार्मिक नफरत फैलाने वालों को बहिष्कार हो

एंटोनियो गुटेरेस ने धार्मिक आधार पर हिंसा शिकार होने वाले के लिए मनाए जाने वाले गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय दिवस के मौके पर यह बात कही. उन्होंने धर्म आधारित हमलों को रोकने और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं उन्हें दंडित किए की मांग की. उन्होंने धार्मिक धार्मिक घृणा फैलाने वालों का बहिष्कार किए जाने की अपील की.