इलहाबाद
अपने पहले मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) के बाद विभागों के बंटवारे में भी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने परफॉरमेंस को तवज्जो दी है. गुरुवार देर रात मंत्रियों के विभागों के बंटवारे में भी 'काम को इनाम' पालिसी की झलक देखने को मिली. कुछ मंत्रियों से अहम पद छीन लिए गए तो वहीं कई अन्य को प्रमोशन देते हुए अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है. स्वास्थ्य, नगर विकास, आबकारी, अल्पसंख्यक कल्याण और खेल जैसे अहम विभागों के चेहरे बदल दिए गए हैं. मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम के विभाग यथावत हैं.

विभागों के बंटवारे में जिन मंत्रियों के पर कतरे गए हैं उनमे अहम नाम सिद्धार्थनाथ सिंह, नंदगोपाल नंदी, लक्ष्मी नारायण, चेतन चौहान का नाम शामिल है. सिद्धार्थनाथ सिंह से स्वास्थ्य विभाग ले लिया गया है. उन्हें खाड़ी व ग्रामोद्योग एयर एमएसएमई विभाग मिला है. कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री ने उनके विभाग के सभी ट्रांसफर रोक दिए थे. नंद गोपाल नंदी के स्टाम्प विभाग के 300 से अधिक तबादले रद्द करने के बाद उनसे यह विभाग छीन लिया गया है. लेकिन उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण की जिम्मेदारी दे दी गई है. लक्ष्मी नारायण चौधरी से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग वापस लेते हुए पशुधन विभाग दिया गया है. जहरीली शराबों से मौतों के बीच जयप्रताप सिंह से आबकारी ले लिया गया है, लेकिन उन्हें स्वास्थ्य जैसा अहम महकमा दिया गया है. पूर्व क्रिकेटर चेतन चुन भी खेल विभाग नहीं बचा पाए. उन्हें सैनिक कल्याण, होमगार्ड्स, प्रांतीय रक्षक दल एवं नागरिक सुरक्षा दिया गया है.

सुरेश खन्ना से नगर विकास हटा लेकिन उन्हें वित्त और चिकित्सा शिक्षा जैसा अहम विभाग मिला है. आशुतोष टंडन, ब्रजेश पाठक और स्वाति सिंह का भी कद बढ़ा है. ब्रजेश पाठक को विधि के साथ ही ग्रामीण अभियंत्रण जैसा अहम विभाग मिला है. आशुतोष टंडन से चिकित्सा शिक्षा एवं प्राविधिक शिक्षा हटा तो नगर विकास जैसे बड़ा विभाग दिया गया है. सवती सिंह को हटाए जाने की अफवाह थी लेकिन उन्हें महिला कल्याण तथा बल विकास एवं पुष्टाहार विभाग मिला है. इसके अलावा कैबिनेट मंत्री बने डॉ महेंद्र सिंह को सूबे का पहला जलशक्ति मंत्री बनाया गया है. डॉ नीलकंठ तिवारी को पर्यटन संस्कृति और धर्मार्थ कार्य, कपिल देव अग्रवाल को व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास, राम नरेश को आबकारी, अनिल राजभर को पिछड़ा वर्ग, कमल रानी वरुण को प्राविधिक शिक्षा, भूपेंद्र चौधरी को पंचायती राज, रविन्द्र जायसवाल को स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क और पंजीयन और श्रीराम चौहान को उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापर व कृषि निर्यात का विभाग मिला है.