Saturday, October 20th, 2018

शराबियों की तुलना में नॉन ड्रिंकर लेते हैं ज़्यादा छुट्टियां


आपने अब तक बस यही सुना होगा कि शराब पीना सेहत के लिए हानिकारक होता है लेकिन अगर आप सोशल ड्रिंकर हैं तो इसमें कोई गलत बात नहीं है। चौंक गए ना? ये अपने आप में ऐसा पहला आर्टिकल होगा जिसमें शराब पीने को सही ठहराया जा रहा होगा। खैर, इसके पीछे भी एक वजह है जिसके बारे में आज हम आपको बताने वाले हैं।

हाल ही में हुई एक रिसर्च में सामने आया है कि जो लोग सोशल ड्रिंकर्स होते हैं वो इसके मुकाबले अकेले पीने वाले लोगों की तुलना में कम छुट्टी लेते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग सामान्‍य रूप से ड्रिंक करते हैं उन्‍हें बहुत ज़्यादा शराब का सेवन करने वाले लोगों और बिल्कुल भी ना पीने वाले लोगों की तुलना में फायदा मिलता है।


शोधकर्ताओं ने यूके, फिनलैंड और फ्रांस के लोगों पर रिसर्च की थी और इस परिणाम पर पहुंचे कि जो लोग शराब नहीं पीते हैं वो भी बीमारी या किसी रोग की वजह से ज़्यादा छुट्टी लेते हैं। इन बीमारियों में मानसिक तनाव, मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़े रोग और पेट एवं फेफडों से संबंधित बीमारी शामिल है।

इसके लिए शोधकर्ताओं ने उन लोगों को बाहर निकाल दिया जिन्‍होंने कोई ना कोई सेहत समस्‍या के कारण शराब पीना छोड़ दिया था। लेकिन इन लोगों को ऑफिस से छुट्टी लेने की वजह से चेतावनी दी गई थी और इनके छुट्टी लेने की वजह ऊपर बताए गए कारणों में से ही एक थी।

फिनिश इंस्‍टीट्यूट ऑफ ऑक्‍यूपेशनल हैल्‍थ के प्रमुख लेखक डॉ. जेन्‍नी ईरवस्‍ती का कहना है कि शराब से कुछ बीमारियों का ईलाज संभव है और जो लोग बिल्कुल भी शराब नहीं पीते हैं उनमें छुट्टियां लेने का खतरा ज़्यादा रहता है।

आगे वो कहती हैं कि जिन लोगों को बहुत ज़्यादा मात्रा में शराब पीने की वजह सेहत समस्‍याएं होती हैं वो समय से पहले ही रिटायर हो जाते हैं या इनके बेरोज़गार होने का भी खतरा रहता है। इस वजह से भी कम पीने वाले लोग बिल्कुल ना पीने वाले लोगों की तुलना में कम छुट्टियां लेते हैं।

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के सीनियर शोधकर्ता डॉ. जेम्‍स डोइजे का कहना है कि ऐसा हो सकता है कि इस रिसर्च के परिणाम पूरी तरह से सटीक ना हों। उन्‍होंने यह भी कहा कि इस स्‍टडी में ये भी सामने आया है कि जो लोग बिल्कुल भी शराब नहीं पीते हैं वो थोड़ी मात्रा में एल्‍कोहल का सेवन करने वाले लोगों की तुलना में ज़्यादा छुट्टियां लेते हैं।

इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए सबसे स्पष्ट स्पष्टीकरण विपरीत कारक हो सकता है, यानी, स्वास्थ्य समस्याओं के नाम पर लोगों को शराब ना पीने की सलाह दी जाती है।

इस बात को साबित करने के लिए सबसे अच्‍छा सबूत यही है कि स्‍टडी के दौरान शोधकर्ताओं ने जेनेटिक की स्‍टडी करके पाया कि कितनी भी मात्रा में एल्‍कोहल का सेवन करना स्‍वास्‍थ्‍य के लिए ठीक नहीं रहता है और इससे आपकी फिटनेस पर भी असर पड़ता है।

इसके अलावा महिलाओं और पुरुषों दोनों को ही एक सप्‍ताह में 14 यूनिट से कम मात्रा में शराब का सेवन करना चाहिए। इसका मतलब है कि आप सप्‍ताह में 6 पिंट्स बीयर या 6 गिलास वाइन के पी सकते हैं।

किसी भी तरह से ये सीमित मात्रा बढ़नी नहीं चाहिए। अगर किसी भी कारण से ये बढ़ती है तो इससे आपकी सेहत पर गलत असर पड़ता है।

एल्‍कोहल रिसर्च यूके के डायरेक्‍टर ऑफ रिसर्च एंड पॉलिसी डेवलेपमेंट के डॉ. जेम्‍स निकोल्‍स का कहना है कि इस स्‍टडी में शोधकर्ताओं ने यह भी पाया है कि जो बिल्कुल भी शराब नहीं पीते हैं, वो थोड़ी बहुत शराब पीने वालों की तुलना में ज़्यादा बीमार पड़ते हैं।

हालांकि, इसका असर एकदम से आपके जीवन में नहीं होगा। इससे आपकी कार्यक्षमता और हैंगओवर की वजह से काम पर असर नहीं पड़ता है।

इसके अलावा इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि शराब पीना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। उनका मानना है कि सामान्‍य मात्रा में शराब पीने से आप ऑफिस में बीमारी की वजह से छुट्टी लेने से बच सकते हैं।

Source : Agency

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