जबलपुर
मध्य प्रदेश में बिन बुलाए मेहमान आ धमके हैं. छत्तीसगढ़ में आतंक मचाने वाले हाथियों का झुंड मध्य प्रदेश में आ धमका है. वन विभाग परेशान है कि अब वो क्या करें. फिलहाल विभाग ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वो MP को एलीफेंट प्रोजेक्ट में शामिल करे ताकि उन उत्पाती हाथियों से निपट सके.

छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में हाथी दहशत का नाम हो गए हैं. ख़ासतौर से सरगुजा जांजगीर तरफ ये हाथी कई लोगों को रौंद चुके हैं और सैकड़ों घर और सामान नष्ट कर चुके हैं. इन उत्पाती हाथियों ने अब एमपी की सरकार को परेशानी में डाल दिया है. इन हाथियों ने मध्य प्रदेश में धावा बोल दिया है. पूरा झुंड यहां घुस आया है. बांधवगढ़, संजय नेशनल पार्क के बाद हाथियों के झुंड ने बालाघाट तक अपना डेरा जमा लिया है.हाथियों की निगरानी के लिए वन विभाग को बड़ा अमला इनकी निगरानी में तैनात करना पड़ा है.

बिन बुलाए मेहमानों से परेशान एमपी सरकार ने अब केंद्र से मदद की मांग की है. वन विभाग ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा है कि वो राज्य को एलिफेंट प्रोजेक्ट में शामिल करे.विभाग ने केंद्र से हाथियों का रूट तय करने और उनके भोजन से लेकर उनकी निगरानी-सुरक्षा के लिए स्पेशल फंड देने की मांग की है.

बांधवगढ़ में 37,संजय नेशनल पार्क में 07 और बालाघाट में 4 हाथी घुस चुके हैं. इनके अलावा मध्य प्रदेश के नेशनल पार्क और अभयारण्य में करीब 55 लोकल हाथी पहले से ही हैं.

वन विभाग को उन हाथियों की चिंता है जो विभाग की ओर से ट्रेंड नहीं किए गए हैं. ये हाथी गांव और बस्तियों में घुसकर आतंक मचा सकते हैं. फिलहाल राज्य सरकार अपने फंड से छत्तीसगढ़ से आए हाथियों से निपटने के उपाय कर रही है. अगर हाथियों ने उत्पात शुरू कर दिया तो मुश्किल खड़ी हो जाएगी.