जबलपुर में पत्नी का जहर खाना आरक्षक पति को इतना नागवार गुजरा कि उसने खुद के सीने में सर्विस रिवाॅल्वर से गोली मार ली. इस घटना से एक ओर जहां जबलपुर का पूरा पुलिस डिपार्टमेंट सकते में है, वहीं परिजनों को समझ में भी नहीं आ रहा कि यह घटना कैसे हो गई? परिजनों को यह लग रहा है कि पति-पत्नी के बीच ऐसा क्या हुआ कि पत्नी ने जहर खा लिया? आमतौर पर पुलिस विभाग में नौकरी करने वालों को दिल दिमाग से बेहद मजबूत माना जाता है, लेकिन होते तो वे भी इंसान ही हैं और कभी-कभी उन पर भावनात्मक दबाव इतना बढ़ जाता है कि वे सारी हदें पार कर जान दे देते हैं.

 

जबलपुर की क्राइम ब्रांच में पदस्थ आरक्षक राहुल सेंगर ने संदिग्ध परिस्थितियों में खुद के सीने में गोली मारकर खुदकुशी कर ली. यह घटना पूरे शहर में और पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बन गई है. राहुल सेंगर अपनी पत्नी के साथ यादव काॅलोनी में रहता था. वर्ष 2015 में उसकी शादी हुई थी. देर रात जब वह अपने आॅफिस से घर पहुंचा तो पत्नी बिस्तर पर लेटी थी और उसने अपने आरक्षक पति से कहा कि उसने जहर खा लिया है. इस बात से आरक्षक राहुल सकते में आ गया और उसने खुद को गोली मार कर खुदकुशी कर ली.

 

एसपी अमित सिंह ने इस घटना के संबंध में बताया कि आरक्षक राहुल ग्वालियर के निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से था और उसकी शादी जिस लड़की से हुई थी वह भी पुलिस में भर्ती के लिए तैयारी कर रही थी. दोनों के बीच संवादहीनता की स्थिति लंबे समय से बनी हुई थी. सुबह जब तक राहुल सोकर उठता था तब तक उसकी पत्नी एसआई की परीक्षा के लिए कोचिंग करने चली जाती थी, जब वह वापस आती थी तब तक राहुल आॅफिस के लिए घर से निकल जाता था. शाम को जब वह वापस घर लौटता था तब उसकी पत्नी ग्राउंड पर फिजिकल एक्सरसाइज के लिए चली जाती थ.

 

दोनों की शादीशुदा जिंदगी बीते चार सालों से इसी तरह गुजर रही थी. राहुल अपने परिवार को आर्थिक मदद करता था और शायद इन्हीं सब कारणों से उसके और उसकी पत्नी के बीच रिश्ते सामान्य नहीं हो पा रहे थे, जिसकी परिणती राहुल की मौत हुई. बहरहाल राहुल की मौत से पूरा डिपाटमेंट दुखी है और पुलिस कर्मियों पर मानसिक दबाव कम करने तथा परिवार के साथ समय बिताने के लिए विभाग से राहत की उम्मीद लगा रहा है. एसपी भी इस समस्या के निदान के लिए समीक्षा करने का मन बना रहे हैं.