बीजिंग
 
चीन ने हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों को लेकर अमेरिका पर अपना हमला तेज करते हुए आरोप लगाया कि हांगकांग में बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों के पीछे वॉशिंगटन का हाथ है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के हाल के उस बयान पर भी सवाल खड़े किए जिसमें उन्होंने कहा था कि हांगकांग में विरोध प्रदर्शनों से निपटने में चीन को ''ठीक से काम" करना चाहिए।

प्रवक्ता ने कहा कि शीर्ष अमेरिकी राजनयिक को अभी भी लगता है कि वह सीआईए प्रमुख हैं। उल्लेखनीय है कि पोम्पिओ विदेश मंत्री बनने से पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के निदेशक थे। हांगकांग में प्रदर्शनों की शुरुआत एक विवादित विधेयक को लेकर हुई थी। इस विधेयक के पारित हो जाने पर किसी आरोपी को चीन प्रत्यर्पित करने का मार्ग प्रशस्त हो जाता। विरोध प्रदर्शनों के कारण अब इस विधेयक को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

हालांकि, विरोध प्रदर्शनों ने व्यापक रूप ले लिया है और अब लोकतांत्रिक सुधारों तथा सार्वभौमिक मताधिकार आदि की मांग की जा रही है। चुनयिंग ने पोम्पिओ के बयान का जिक्र करते हुए कहा, ''मेरा मानना है कि पोम्पिओ खुद को सही स्थिति में नहीं रख रहे हैं। मुझे लगता है कि वह अभी भी खुद को सीआईए प्रमुख समझते हैं। वह सोचते हैं कि हांगकांग में हिंसक व्यवहार उचित है क्योंकि अमेरिका ने भी इसमें योगदान दिया है।