नई दिल्ली 

दिल्ली कांग्रेस में जिस तरह से गुटबाजी चरम पर है, उसे देखते हुए यह माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में पार्टी को नया अध्यक्ष मिल सकता है। पार्टी को लग रहा है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, ऐसे में इस गुटबाजी पर फौरन विराम लगना चाहिए। कहा जा रहा है कि यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी नए अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगाएंगी। फिलहाल दिल्ली कांग्रेस में हारून यूसुफ, राजेश लिलोठिया और देवेंद्र यादव कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार संभाल रहे हैं। 
दिल्ली के नेताओं का कहना है कि हाल ही में महाराष्ट्र में वर्किंग प्रेसिडेंट बनाने के बाद अब लग रहा है कि जल्द ही शीला दीक्षित के उत्तराधिकारी का नाम भी घोषित कर दिया जाएगा ताकि गुटबाजी को रोका जा सके। पार्टी के एक नेता के मुताबिक अगर कोई प्रदेश अध्यक्ष तय किया जाता है तो इसका सीधा संदेश यह होगा कि प्रदेश अध्यक्ष का फैसला खुद सोनिया गांधी ने लिया है। इसके बाद जाहिर है कि कोई भी गुट नए प्रदेश अध्यक्ष के फैसलों को नजरंदाज नहीं कर सकेगा। 

4 अगस्त को शीला को दी जाएगी श्रद्धांजलि 
पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को श्रद्बांजलि देने के लिए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी की ओर से 4 अगस्त को प्रदेश कार्यालय में ही सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा। पार्टी ने यह भी तय किया है कि इस प्रार्थना सभा में हालांकि सभी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा, लेकिन कोई भाषणबाजी नहीं होगी। सभा में शीला पुष्पांजलि दी जाएगी और भजन संध्या का आयोजन होगा। 

कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हारून यूसुफ के मुताबिक शनिवार को हुई इस बैठक में पूर्व सांसद, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, जिलाध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता मौजूद थे। बैठक में तय किया गया कि 4 अगस्त को 3 बजे प्रदेश कार्यालय में ही यह सर्वधर्म प्रार्थना सभा होगी। लेकिन भाषणबाजी से इसे दूर रखा जाएगा। इस बैठक में शीला दीक्षित समर्थक माने जाने वाले खेमे के नेता भी शामिल थे। शीला दीक्षित के परिजनों की ओर से भी मॉर्डन स्कूल में भी 10 अगस्त को श्रद्धांजलि सभा किए जाने की उम्मीद है। उसमें भी सभी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा।