Monday, May 28th, 2018

स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-२०१८ के विजेताओं को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

नये भारत का निर्माण करे नई पीढ़ीः मुख्यमंत्री  
 
अहमदाबाद (मनीष शर्मा)
मुख्यमंत्री श्री विजय रूपाणी ने कहा कि युवा पीढ़ी नवीन अविष्कारों और नई तकनीक के विनियोग से नये भारत का निर्माण करे। वे बुधवार को गांधीनगर में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-२०१८ के विजेताओं के सम्मान समारोह में बोल रहे थे।  
स्थ्य एवं शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र जैसे जन समूह से जुड़े सीधे विषयों में समस्याओं के जनहितकारी समाधान के लिए अद्यतन तकनीक के विनियोग से हैकाथॉन सरीखे कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लेने का उन्होंने युवाओं से आह्वान किया।  
इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि राष्ट्र और राज्य में जीवन की समस्याओं का तकनीकयुक्त दृष्टिकोण से निवारण ही नहीं बल्कि समस्याएं पैदा ही न हों, ऐसे दीर्घकालिक विजन और विचार की आवश्यकता है। 
श्री रूपाणी ने कहा कि ५५ फीसदी युवा आबादी वाले देश में युवाओं की नवीनतम विचार शक्ति को वेग प्रदान कर समस्याओं का समाधान तकनीक के जरिए ढूंढने की पहल समान स्टूडेंट स्टार्टअप इनोवेशन पॉलिसी (एसएसआईपी) और हैकाथॉन के क्षेत्र में गुजरात देश का नेतृत्व कर रहा है। 
उन्होंने कहा कि शहरीकरण, स्वच्छता-सफाई और ट्रैफिक जैसे बुनियादी मामलों की समस्या के निवारण में टेक्नोलॉजी का व्यापक उपयोग जरूरी है। नवोन्मेष को प्रोत्साहित करने और व्यवस्था में कुछ नया शामिल करने के लिए २०० करोड़ रुपए एसएसआईपी के लिए आवंटित किए हैं। 
मुख्यमंत्री ने इजरायल के सहयोग से आई-क्रिएट जैसी संस्थाएं गुजरात में शुरू कर युवा शक्ति के संशोधन को बाजार तक ले जाने की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालयों से भी ऐसी व्यवस्था विकसित करने की अपील की। 
उन्होंने ऐसे वातावरण के निर्माण का अनुरोध किया जिसमें १८ से ४० वर्ष की उम्र की युवा शक्ति स्टार्टअप से जुड़े और हैकाथॉन में शिरकत कर अपना कौशल प्रदर्शित करे। 
श्री रूपाणी ने कहा कि हैकाथॉन के विजेताओं की टीम और राज्य सरकार के अधिकारी साथ मिलकर मंथन करें तथा अन्य समस्याओं के हल के लिए छोटे स्तर पर टेक्नोलॉजी का उपयोग करें। इसकी सफलता के चलते पुराने विचारों और व्यवस्थाओं को भी अंततः बड़े पैमाने पर ऐसी टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा जा सकता है। 
शिक्षा मंत्री भूपेन्द्रसिंह चूड़ास्मा ने स्टार्टअप की सरल व्याख्या करते हुए कहा कि समस्या का समाधान बताने वाला विचार और प्रयोग यानी स्टार्टअप। स्टार्टअप के अंतर्गत राज्य के युवाओं ने जो प्रयोग किए हैं, वे व्यवहारिक रूप से भी सफल रहे हैं और यही स्टार्टअप की सफलता है। 
स्टार्टअप नीति घोषित होने के बाद राज्य के छात्रों की रुचि और नवोन्मेषी विचारों के साथ आगे आने की उत्सुकता की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं की उत्सुकता और पहल के कारण राज्य सरकार को भी प्रोत्साहन मिला है। 
श्री चूड़ास्मा ने कहा कि स्टार्टअप के क्षेत्र में देश के अन्य राज्यों की तुलना में गुजरात ने अधिक सक्रियता बताई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि गुजरात के युवा भविष्य में देश और दुनिया में आयोजित होने वाली हैकाथॉन स्पर्धा में भाग लेकर विजेता बनेंगे। 
शिक्षा विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अंजू शर्मा ने स्वागत भाषण में हैकाथॉन के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों का ब्यौरा दिया। 
राज्य के शिक्षा विभाग की ओर से राज्य के लगभग ६० विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत करीब १४ लाख छात्रों में निहित क्रियात्मक क्षमता के विकास के लिए सिलसिलेवार कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। इसके माध्यम से छात्र इनोवेशन और स्टार्टअप जैसे नवीन प्रयोगों में भाग लेने को प्रेरित हुए थे। इस कार्यक्रम के एक भाग के रूप में शिक्षा विभाग की ओर से 'स्मार्ट गुजरात फॉर न्यू इंडिया हैकाथॉन-२०१८' का आयोजन किया गया था। इसमें उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को अन्य १६ विभागों ने सहयोग दिया था। कार्यक्रम में २१३ प्रॉबलम स्टेटमेंट के लिए १,४३४ टीमों के ९,८०४ छात्रों ने पंजीयन कराया था। 
उल्लेखनीय है कि गुजरात हैकाथॉन स्पर्धा ३६ घंटे की नॉनस्टॉप स्पर्धा थी। इस स्पर्धा के रिजनल राउंड में कुल २५८ टीमों के १,५०५ छात्रों ने भाग लिया था। इनके कार्यों के मूल्यांकन के बाद फाइनल राउंड के लिए कुल १५३ टीमें चयनित की गई। फाइनल स्पर्धा के लिए चयनित १५३ टीमों के १,०७५ छात्रों के फाइनल राउंड में विभागवार प्रथम, द्वितीय और तृतीय क्रमांक सहित कुल ३३ टीमें विजेता बनी थी। 
इन ३३ टीमों के अलावा स्पर्धा में बेहतर प्रदर्शन करने वाली १० अन्य टीमों को तथा स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-२०१८ में विजेता बनी ८ टीमों समेत कुल ५१ टीमों के छात्रों को मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने सम्मानित किया। इसके अलावा, स्पर्धा में सक्रिय रूप से सबसे ज्यादा भाग लेने वाले, सहयोग तथा मार्गदर्शन करने वाले तीन विभागों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। 
एसएसआईपी के अंतर्गत फेज-३ में चयनित ६ विश्वविद्यालयों को कुल ३५ लाख रुपए के अनुदान के चेक भी कार्यक्रम में वितरीत किए गए। 
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. जे.एन. सिंह सहित विभिन्न विभाग के उच्च प्रशासनिक अधिकारी और छात्र उपस्थित थे।
Source : मनीष शर्मा

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