Friday, October 19th, 2018

बैंक की इन फ्री सर्विसेज पर ग्राहकों को नहीं देना होगा GST

 नई दिल्ली
 चैक बुक जारी किया जाना तथा ए.टी.एम. से निकासी जैसी मुफ्त बैंकिंग सेवाएं जी.एस.टी. के दायरे से बाहर रह सकती है। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। वित्तीय सेवा विभाग ने राजस्व विभाग से बैंक की तरफ से ग्राहकों को दी जाने वाली कुछ मुफ्त सेवाओं पर माल एवं सेवा कर (जी.एस.टी.) लगाए जाने को लेकर भ्रम की स्थिति दूर करने को कहा है।


DFS ने राजस्व विभाग मांगा स्पष्टीकरण 
अधिकारी ने कहा, "राजस्व विभाग वित्तीय सेवा विभाग से यह कह सकता है कि जी.एस.टी. मुफ्त बैंकिंग सेवाओं पर जी.एस.टी. नहीं लगाया जाएगा।" यह खबर ऐसे समय में आई है जब बैंकों से कर विभाग ग्राहकों को मिनिमम अकाउंट बैलेंस रखनें पर दी जाने वाली फ्री सर्विसेज के एवज में टैक्स की मांग कर रहा था। ऐसे में वित्तीय सेवा विभाग (डी.एफ.एस.) ने राजस्व विभाग से संपर्क कर इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा कि क्या ऐसी सेवाओं पर जी.एस.टी. लगेगा।

डी.एफ.एस. का मानना है कि चैक बुक जारी किया जाना, खाते का स्टेटमेंट तथा ए.टी.एम. निकासी एक सीमा तक मुफ्त है और उस पर कोई जी.एस.टी. नहीं लगाया जा सकता। भारतीय बैंक संघ (आई.बी.ए.) ने बैंकों के प्रबंधन की तरफ से कर प्राधिकरण के समक्ष बातें रखी है।


यह टैक्स बीते 5 वर्षों के लिए मांगा जा रहा था। यह उस अवधि के लिए मांग की जा रही थी जिसमें कि पुराने सर्विस टैक्स मामले खोले जा सकें। इस टैक्स की गणना बैंकों की ओर से उन ग्राहकों से चार्ज वसूलने को देखने के बाद की गई है जिन्होंने अपने खाते में मिनिमम बैलेंस की शर्त को पूरा नहीं किया हुआ था। गौरतलब है कि देशभर में जी.एस.टी. 1 जुलाई, 2017 से लागू किया गया है।

Source : Agency

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