प्रेग्नेंसी में ट्रैवल करना महिलाओं के लिए ज्यादा मुश्किल होता है। यही वजह है कि खासतौर पर थर्ड ट्राइमेस्टर में डॉक्टर उन्हें ट्रैवल न करने या कम करने की सलाह देते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके लेबर में जाने का ज्यादा डर होता है। कई एयरलाइन्स भी 36 सप्ताह की प्रेग्नेंसी पूरी कर चुकी महिलाओं को ट्रैवल की इजाजत नहीं देतीं।

ट्रैवल से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- ट्रैवल प्लान बनाने पर अपने डॉक्टर को इस बारे में जरूर बताएं। उनसे फ्लाइट में रखी जाने वाली सावधानियों के बारे में जरूर पूछें। संभव है कि वह आपको कुछ अन्य दवाइयां भी दें ताकि तबीयत खराब लगने पर दवाई आपकी मदद कर सकें। उनके पर्चे को भी अपने साथ जरूर कैरी करें, इमरजेंसी में यह काफी काम आएंगे।

- कोई भी दवाई अपनी मर्जी से न लें, क्योंकि फ्लाइट में तबीयत खराब होने पर मेडिकल सहायता पहुंचने में काफी समय लग जाएगा।

- कोशिश करें कि फ्लाइट ज्यादा घंटे की न हो, क्योंकि यह आपके शरीर को कई तरह से कष्ट में डाल सकती है।

- मदद लेने से हिचकिचाएं न। चाहे फ्लाइट अटेंडेंट हों या फिर सह यात्री जरूरत पड़ने पर मदद मांगें।

- भारी सामान केबिन में खुद रखने की जगह अटेंडेंट की सहायता लें।


- ज्यादा भारी बैग्स साथ में कैरी न करें। अकेले ट्रैवल करने की स्थिति में यह और भी अहम हो जाता है।

- फ्लाइट के दौरान लंबे समय तक बैठे न रहें नहीं तो सूजन या दर्द की समस्या के साथ ही बीपी गड़बड़ा सकता है। स्टेबल होने पर थोड़ा चलें या फिर सीट पर बैठकर पैरों और हाथों को स्ट्रेच करें।

- हाइड्रेशन का खास ध्यान रखें। फ्लाइट के दौरान लिक्विड इंटेक बनाए रखें।

- ट्रैवल के लिए लूज और कंफर्टेबल कपड़ों का चुनाव करें ताकि देर तक बैठने पर भी कपड़ों के कारण आपको परेशान न होना पड़े।