पिछले दिनों मध्य प्रदेश के मन्दसौर के एक मदरसे का वीडियो वायरल हुआ. इस वीडियो के बारे में बताया जा रहा है कि यहां कुछ बच्चे मरदसे से बाहर निकलते हैं और 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाने लगते हैं. तो आज हम आपको इस वीडियो की असलियत बताने जा रहे हैं. हम बताने जा रहे है कि वो वीडियो कितना सच्चा था. क्या मदरसे के छात्रों ने सच में एसा कोई विवादित नारा लगाया था?

सोशल मीडिया का दावा है कि यूनिफॉर्म पहने ये बच्चे घर से निकले तो थे स्कूल जाने के लिए लेकिन स्कूल जाने के बजाए बीच सड़क पर धरना प्रदर्शन करने लगे. मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस तक मौके पर पहुंची लेकिन इन छात्रों ने उसकी भी एक नहीं सुनी.

मदरसा अनवारूल उलूम हायर सेकेंडरी स्कूल का है मामला
इस नारे की सच्चाई जानने के लिए न्यूज18 की टीम मध्य प्रदेश के मन्दसौर जिले पहुंची. तो पता चला कि वायरल हो रहा विडियो यहां के खानपुरा इलाके के मदरसा अनवारूल उलूम हायर सेकेंडरी स्कूल का है. 15 जुलाई को स्कूल के ये बच्चे सड़कों पर आ गये थे, नारेबाज़ी कर रहे थे, लेकिन क्यों? तो हमने सीधा बच्चों से ही बात की.

तो किसके नाम के लगाए थे नारे?
बच्चों ने तो साफ मना कर दिया कि उन्होंने 'पाकिस्तान जिन्दाबाद' के नारे लगाये थे! उनका कहना है कि वो साबिर सर के लिए नारे लगाए थे. साबिर पानवाला मदरसा अनवारूल उलूम हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल हैं. पर सवाल अभी भी यही था कि बच्चे उनके समर्थन में नारेबाज़ी क्यों कर रहे थे? ये जानने के लिए हमने उन्हीं से सम्पर्क किया.

प्रिंसिपल ने बताया पूरा सच
प्रिंसिपल ने बताया कि मदरसा अनवारूल उलूम मध्य प्रदेश वक़्फ़ बोर्ड के अधीन संस्था अंजुमन इस्लाम के तहत चलता है. प्रिंसिपल साबिर पानवाला को हटाने के लिए अंजुमन इस्लाम कमेटी के कुछ लोग लामबन्द हैं. मामले में साबिर पानवाला को हटने के लिए नोटिस भी दिया गया था. इस सिलसिले में 15 जुलाई को अंजुमन इस्लाम के कुछ लोग स्कूल पहुंचे थे. बच्चों को जैसे ही बात पता लगी तो हंगामा हो गया. सड़क पर प्रिंसिपल के समर्थन में नारेबाज़ी होने लगी.

BJP नेता ने पुलिस से की जांच की अपील
पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि की है कि मदरसे के बच्चे 'साबिर सर ज़िन्दाबाद' के नारे लगा रहे थे, 'पाकिस्तान ज़िन्दाबाद' के नहीं. आप भी अगर वायरल वीडियो के ऑडियो को गौर से सुनेंगे तो पता चलेगा कि बच्चे वाकई 'साबिर सर ज़िन्दाबाद' ही कह रहे थे. वो पाकिस्तान ज़िन्दाबाद का नारा नहीं लगा रहे.