कोलकाता
तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के स्थान पर मतपत्र वापस लाने की मांग की है और कहा है कि लोकतंत्र को बचाने एवं चुनाव के दौरान कालेधन के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए देश में चुनाव सुधार जरूरी हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनर्जी ने चुनाव की सरकारी फंडिंग की भी मांग की है।

उन्होंने कहा, ''यह मत भूलिए कि पहले इंग्‍लैंड, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका में भी ईवीएम का इस्तेमाल किया गया। लेकिन अब उन्होंने उसका इस्तेमाल करना बंद कर दिया है... तो ऐसे में हम क्यों मतपत्र वापस नहीं ला सकते? ऐसी संभावना है कि रविवार की रैली के दौरान वह ईवीएम और चुनाव सुधार जैसे मुद्दे जोर-शोर से उठा सकती हैं।

बनर्जी ने शनिवार को यहां संवाददाताओं से कहा, ''1995 से मैं चुनाव सुधार की मांग करती आ रही हूं। यदि हम चुनाव में कालेधन का इस्तेमाल रोकना चाहते हैं, लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं और राजनीतिक दलों में पारदर्शिता कायम करना चाहते हैं तो चुनाव सुधार करने ही होंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव की सरकारी फंडिंग जरूरी है क्योंकि राजनीतिक दल चुनाव के दौरान कालेधन का इस्तेमाल करते हैं।

तृणमूल प्रमुख ने पहले दावा किया था कि हाल के लोकसभा चुनाव में करोड़ों रुपये खर्च किये गये।  उन्होंने कहा, 'कुछ लोग कह रहे हैं कि यह हजारों करोड़ों रुपये की राशि है। मैं जानना चाहती हूं कि यह पैसा आया कहां से?' हर दल इतनी अधिक धनराशि खर्च तो कर नहीं सकता। यह भ्रष्टाचार है। विभिन्न फर्जी खातों में पैसे भेजे गये। आरटीजीएस के माध्यम से पैसे का अंतरण हुआ।