नई दिल्ली 
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने नाडा के साथ करार की अपनी कुछ शर्तों में बदलाव किया है। इंटरनैशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने बीसीसीआई को नैशनल ऐंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) के अंतर्गत आने के लिए मना लिया है, ताकि वर्ल्ड ऐंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) से मान्यता रद्द होने से बचा जा सके। बीसीसीआई अपने पूरे अधिकार नाडा को देना नहीं चाहता है। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीसीसीआई का मानना है, जो भी करार में व्यवस्था की जाए, वह शुरुआती 6 महीने के लिए ट्रायल आधार पर हो। सैंपल लेने के लिए डोपिंग कंट्रोल अधिकारी जो कि आईडीटीएम (बीसीसीआई की ओर से हायर की गई एक प्राइवेट एजेंसी) हो। 

उन्होंने कहा, 'बोर्ड का यह भी मानना है कि सैंपल बीसीसीआई के ऐंटी-डोपिंग मैनेजर की मौजूदगी में ही लिए जाएं और बोर्ड ही तय करे कि किस मैच के दौरान सैंपल लिए जाएं।' बीसीसीआई ने ड्राफ्ट में बदलाव कर नाडा और आईडीटीएम को भेज दिया है। बोर्ड इस समझौता ज्ञापन पर खेल सचिव के साथ हस्ताक्षर जल्दी ही कर सकता है और ट्रायल घरेलू सीजन की शुरुआत के साथ ही अक्टूबर में शुरू हो जाएंगे। अधिकारी ने कहा, 'नाडा अपने नियमों के साथ काम करेगा। घरेलू सीजन की शुरुआत के साथ ही सैंपल लेने भी शुरू किए जाएंगे। यदि बीसीसीआई उसके इस काम में बाधा पहुंचाएगा तो वह वाडा को निगेटिव रिपोर्ट भेजने के लिए बाध्य होगा।' वाडा की डेडलाइन को देखते हुए आईसीसी ने बीसीसीआई के नाडा के साथ मसले को जल्द से जल्द सुलझाने का मन बना लिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकारी एजेंसी बीसीसीआई की शर्तों को मानने के लिए राजी होगी या नहीं।