लंदन
खाड़ी क्षेत्र में ईरान द्वारा दो तेल टैंकरों को अपने कब्जे में लिए जाने के बाद से तनाव बढ़ गया है। इनमें से एक टैंकर ब्रिटेन का है जबकि दूसरा लाइबेरिया का बताया जा रहा है। खास बात यह है कि ब्रिटिश ऑइल टैंकर पर मौजूद 23 क्रू मेंबर्स में 18 भारतीय नागरिक हैं। इस बीच, नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि भारत ईरान के साथ संपर्क में है और जल्द भारतीयों को छुड़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि हमारा मिशन ईरान की सरकार के साथ संपर्क में है जिससे भारतीय जल्द से जल्द स्वदेश आ सकें।

बताया जा रहा है कि ईरान की फौज ने मछली पकड़ने वाली अपने देश की एक नौका से ब्रिटिश टैंकर के कथित तौर से टकराने के बाद उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। हॉर्मूज जलडमरूमध्य की इस घटना पर ब्रिटेन समेत कई देशों ने गहरी चिंता जताई है।

ब्रिटिश विदेश मंत्री जेरेमी हंट ने इसे अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि वह ऐसी घटनाओं को लेकर बहुत चिंतित हैं। हंट ने एक बैठक कर इस बात की समीक्षा की है कि मौजूदा स्थिति क्या है तथा दोनों जहाजों को रिहा कराने के लिए क्या किया जा सकता है। टैंकर का नाम स्टेना इम्परो है।

क्रू सदस्यों में भारतीय, रूसी समेत कई देशों के नागरिक शामिल हैं। पोत की मालिक व शिपिंग कंपनी स्टेना बल्क ने एक बयान में कहा कि टैंकर को हॉर्मूज जलडमरूमध्य को पार करने के दौरान जब जहाज अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में था तभी अज्ञात छोटी नावों और एक हेलिकॉप्टर द्वारा उससे संपर्क किया गया था। ईरान की सेना ने अपनी वेबसाइट पर जारी बयान में कहा कि जहाज को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का पालन न करने के कारण जब्त किया गया। उसे एक अज्ञात ईरानी बंदरगाह पर ले जाया जा रहा है। स्टेना बल्क ने कहा, ‘उनमें से किसी को भी चोट नहीं आई है और उनकी सुरक्षा मालिकों और प्रबंधकों दोनों के लिए चिंता का विषय है।’