भिंड/मुरैना

मध्य प्रदेश में लगातर नकली दूध और मावा बनाने के मामले सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को प्रदेश के भिंड और मुरैना में स्पेशल टास्क फोर्स ने नकली दूध और मावा बनाने वाले संचालकों के कारखानों पर दबिश दी। टीम को हज़ारों लीटर सिंथेटिक दूध और केमिकल से बना मावा का ज़खिरा मिला है। बताया जा रहा है टीम ने कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को मौके से गिरफ्तार भी किया है।

दरअसल, एसटीएफ को लंबे समय से भिंड और मुरैना में नकली दूध और मावा बनाने वालों की सूचना मुखबिर से मिल रही थी। नकली दूध और मावा दोनों जगहों के अवाला ग्वालियर के कुछ इलाकों में भी सप्लाई किया जाता था। पुख्ता सूचना मिलने के बाद एसपी एसटीएफ अमित सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ की 20 टीमों का गठन किया। जो शुक्रवार सुबह भिंड और मुरैना के लिए रवाना हो गईं। पुलिस ने खाद विभाग के साथ संयुक्त टीम बनाकर बड़े पैमाने पर छापामार कार्रवाई की। टीम ने अलग अलग स्थानों पर संचालित डेयरी पर रेड मारी जहां पर नकली दूध बनाने का काम किया जा रहा था।

पुलिस को अम्बाह में वनखंडेश्वर डेयरी में तकरीबन 15 हज़ार लीटर नकली दूध मिला है। यही नहीं टीम ने इन डेयरी से से मावा भी बरामद किया है। लहार-दतिया रोड पर गोपाल कोल्ड स्टोरेज से दो दो हज़ार लीटर के तीन कंटेनर नकली दूध के भरे मिले हैं। एसटीएफ और खाद विभाग की टीमों ने सैम्पल भी लिए हैं।

नकली दूध बानने के लिए मिलाते हैं शैम्पू

प्रथमिक छानबीन में पता चला है कि जेयरी संचालक लोगों की जान से खिलवाड़ करने के लिए नकली दूध तैयार करने के लिए शैम्पू और कैमिकल का इस्तेमाल करते थे। इसमें यूरिया का भी उपयोग किया जा रहा था। जिससे कैंसर होने के भी खतरा हो सकता है।